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अडानी के वायरल वीडियो ने मचाया उत्तराखंड की सियासत में बवाल,आखिर क्या है सच्चाई..

Bharat Khabar 2018-10-10 20:01:53

उत्तराखंड में आयोजित इन्वेस्टर समिट में क्या इन्वेस्टर केंद्र सरकार के दवाब के चलते उत्तराखंड में आये है ? सरकार कुछ छुपाने की कोशिश कर रही है क्या? सरकार से नाराज हो गए है अडानी ? ये कुछ ऐसे सवाल उठ रहे है। क्योंकि 26 सितम्बर को जिस दिन अडानी देहरादून में मुख्यमंत्री के साथ एक एमओयू साइन करने के लिए आये थे। उस दिन गौतम अडानी ने साफ़ तौर पर सरकार के मुखिया और तमाम शासन के अधिकारियों के सामने देहरादून की व्यवस्था और यहां की तैयारियों की पोल खोल दी थी।सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो में ये दिखाई दे रहा है लेकिन हकीकत अलग है।अदानी इस दौरान आए जरूर थे शासन की ओर से।निवेशक समिट की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ अडानी ने बैठक की थी।

 

इन्वेस्टर समिटः अडानी के उस वीडियो ने मचा दिया उत्तराखंड की सियासत में बवाल आखिर क्या है सच्चाई..

 

अब इस वीडियो को ये बताकर पेश किया गया है कि अडानी ने निवेश से इनकार कर दिया। लेकिन हकीकत है कि उन्होंने कैसे निवेशकों को लाना है इसकी तैयारियों को लेकर कहा था। गौतम अडानी वीडियो में ये कहते दिखाई दे रहे है की इन्वेस्टर समिट में होता कुछ नहीं है यहां तो सिर्फ निवेशक सरकार के बुलाने पर आ रहे हैं।आपको निवेश के लिए बेहतर कनेक्टविटी और इन्फ्रास्ट्रैचर तैयार करना होगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जिस इन्वेस्टर समीट को सफल बनाने में बीते 3 महीने से लगे हुए थे। उस इन्वेस्टर समिट के समाप्त होने के बाद अडानी के इस वीडियो में बवाल मचा दिया है। बात 26 सितंबर की है जब सीधे अहमदाबाद से अपने स्पेशल विमान से अदानी देहरादून पहुंचे थे।

पहुंचने के बाद अडानी ने राज्य में भरी मीडिया के सामने सरकार के साथ एमओयू भी साइन किया था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनका पूरा अमला इस बात से खुश था कि अडानी जैसे उद्योगपति राज्य में बड़ा निवेश कर रहे हैं। लिहाजा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्योगपति को अपने पूरे शासकीय अमले से भी मिलवाया था। जहां पर ये कथित वीडियो शूट किया गया।

बता दें कि अदानी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और तमाम अधिकारियों से बात करते हुए यह जिक्र कर रहे हैं कि उन्हें एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री आवास तक आने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अडानी इतने पर भी नहीं रुके और उन्होंने मुख्यमंत्री से यह तक कह दिया कि इस तरह की इन्वेस्टर समिटों में कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि सारे इन्वेस्टर जानते हैं कि वह यहां क्यों आ रहे हैं क्योंकि उन्हें भी धंधा करना होता है।इसलिए आप इन्फ्रास्ट्रैचर और कनेक्टविटी बैहतर करें।अडानी तैयारियों को लेकर अधिकारियों और मुख्यमंत्री से रूबरू थे।

अडानी के इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब विपक्ष ये कह रहा है कि एक बात तो साफ हो गई कि क्या यह सब कवायद महज एक दिखावा है। लेकिन क्या राज्य में हकीकत में इन्वेस्ट करने के मकसद से ही देश विदेश के इन्वेस्टर यहां पर पहुंचे थे? बहरहाल कांग्रेस को तो कुछ और ही लगता है कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर तमाम प्रवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का कहना है कि त्रिवेंद्र सरकार की गिरती छवि को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने इन्वेस्टर समिट का एक जुमला छोड़ा था और यह जुमला ही रहेग।

कांग्रेस इस वीडियो को अपने सोशल साइट पर लगातार शेयर कर रही है। कांग्रेस का मानना है कि जब इन्वेस्टर की यह राय है तो फिर कैसे राज्य में इन्वेस्ट आएगा। यह सबसे बड़ा सवाल है। फिलहाल जो कांग्रेस उत्तराखंड में निष्क्रिय पड़ी हुई थी उस कांग्रेस को अडानी का यह वीडियो हाथ लगने के बाद सरकार को घेरने का मौका जरूर मिल गया है।

बीते दिनों इन्वेस्टर समिट के बाद सरकार ने कहा कि 1 लाख 24 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव राज्य सरकार को मिले हैं।जिसके धरातल पर उतरने के बाद राज्य को बडा फायदा मिलने के साथ विकास का रथ तेजी से दौड़ेगा।लेकिन अब इस वायरल वीडियो के जरिए विपक्ष और सरकार विरोधियों ने सरकार के दूसरे चेहरे को पेश करने की कोशिश की है।

अजस्र पीयूष