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लूट की घटना को अंजाम देने वाले थे अपराधी, पुलिस ने धर दबोचा, इंजीनियर के साथ 5 गिरफ्तार

Eenadu India 2018-10-11 17:33:00
रांची। राजधानी में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए रांची पुलिस ने जो अभियान चलाया है वह प्रभावी साबित हो रहा है. पुलिस ने धुर्वा इलाके से कुख्यात राजीव रंजन गैंग के पांच अपराधियों को हथियार के साथ धर दबोचा है. यह गिरोह रांची के नगड़ी इलाके से एक जमीन कारोबारी से 10 लाख रुपए लूटने वाले थे. विरोध करने पर जमीन कारोबारी की हत्या की भी योजना थी.

जानकारी देते पुलिस अधिकारी।


रांची। राजधानी में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए रांची पुलिस ने जो अभियान चलाया है वह प्रभावी साबित हो रहा है. पुलिस ने धुर्वा इलाके से कुख्यात राजीव रंजन गैंग के पांच अपराधियों को हथियार के साथ धर दबोचा है. यह गिरोह रांची के नगड़ी इलाके से एक जमीन कारोबारी से 10 लाख रुपए लूटने वाले थे. विरोध करने पर जमीन कारोबारी की हत्या की भी योजना थी.


बता दें कि पुलिस ने बुधवार को कुख्यात राजेश मंडल गिरोह के 8 सदस्यों की गिरफ्तारी की थी. वहीं गुरूवार को पुलिस ने रांची के मोस्ट वांटेड अपराधी राजीव रंजन गिरोह के 5 अपराधियों को लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया. समय से पहले अगर इन अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई होती तो चावल कारोबारी नरेंद्र सिंह होरा जैसी एक और वारदात को रांची में अंजाम दिया जाता.

दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धुर्वा इलाके में कुछ अपराधी किसी बड़े अपराध की योजना को अंजाम देने के लिए जमा हुए हैं. साथ ही वे मीटिंग करके रिंग रोड की तरफ निकले हैं. खबरी ने यह भी बताया कि वे सभी एक वैगनआर कार पर सवार होकर निकले हैं. उसका पर किसी भाजपा नेता का बोर्ड लगा हुआ है.

पुलिस ने इस सूचना पर धुर्वा, नगड़ी और तुपुदाना थानों की टीम ने एक साथ रिंग रोड इलाके में छापेमारी शुरू की. कुछ ही देर बाद उन्हें वह वैगनआर कार भी दिख गई जिसमें अपराधियों के होने की सूचना थी. जिसके बाद तीनों थानों की टीम में अपराधियों के कार को घेर कर उन्हें सरेंडर करने को कहा सरेंडर करने पर पांचों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया. तलाशी के दौरान उनके पास से चार हथियार और एक दर्जन कारतूस भी बरामद किए गए.

गिरफ्तार सभी अपराधी कुख्यात राजीव रंजन के गिरोह से ताल्लुक रखते हैं. यह सभी अभी हाल में ही अपराध की दुनिया में आए थे. इस गिरोह में एचईसी के इंजीनियर मनीष कुमार पांडे भी शामिल था. पुलिस के अनुसार उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है. लेकिन वह कुख्यात राजीव रंजन के साथ अक्सर देखा जाता था और इस कांड में प्रयुक्त कार भी उसी की है. पुलिस से बचने के लिए उसने अपनी कार के आगे भाजपा का बोर्ड लगा कर रखा था.