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एक दिन की थाना प्रभारी बनी बलिका से पीडि़त ने की शिकायत तो हुआ ऐसे निस्तारण

Patrika 2018-10-11 20:49:56

वाराणसी. इंटरनेशनल बालिका दिवस पर डा.शम्भुनाथ सिंह शोध संस्थापन व एसएसपी आनंद कुलकर्णी की संयुक्त पहल से शहर के 15 थानों की प्रभारी बालिकाओं को बनाया गया। एक दिन की थाना प्रभारी बनी बालिकाओं ने बहुत करीब से पुलिस की कार्यप्रणाली को देखा। शाम को पुलिस लाइन में एसएसपी ने इन बालिकाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।
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पुलिस कप्तान ने हौसलों की उड़ान विषयक इस कार्यक्रम के माध्यम से आधी आबादी के मन में पुलिस थानों को लेकर बनी नकारात्मा छवि दूर होगी। सीओ क्राइम स्नेहा तिवारी सुबह ही कैंट थाने पर पहुंच गयी थी। कैंट थाना प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय ने एक दिन थाना प्रभारी बनी बालिका को पुलिस की कार्यप्रणाली बतायी। थाने पर जब शिकायत करने लोग आये तो थाना प्रभारी बनी बालिका ने उनकी सारी बात सुनी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों का किस तरह से निस्तारण किया जाता है। थाने पर जब कोई शिकायत करने आता है तो उसकी बात सुनी जाती है। आवश्यकता होने पर मौके पर पुलिसकर्मी भेज कर सारी स्थिति से अवगत होते हैं और फिर मुकदमा दर्ज करके अपनी जांच शुरू करते हैं।
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पुलिस की इस पहल को लंबे समय तक किया जायेगा याद
लखनऊ शूटआउट में विवेक तिवारी की हत्या के बाद पुलिस की छवि प्रभावित हुई थी। जिस तरह से सोशल मीडिया पर कुछ पुलिसकर्मी हत्यारोपित दो सिपाहियों के समर्थन में खड़े थे उससे यूपी के डीजीपी ओपी सिंह भी परेशान हो गये थे और उन्होंने अनुशासन तोडऩे वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। इसके बाद बालिकाओं को एक दिन का थाना प्रभारी बना कर पुलिस की छवि को ठीक करने का जो प्रयास किया जा रहा है वह आने वाले समय के लिए अच्छा संकेत हैं।
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