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पेचिश बीमारी से तड़प-तड़पकर दर्दनाक मौत मरा था अकबर

Dvi News 2018-11-09 14:51:17

Akbar ki Jeevani and death story बादशाह अकबर का जन्म 14 अक्टूबर 1542 को सिंध के उमेरकोट के राजपूत किले में हुआ था. किसी को नहीं पता था कि ये बच्चा एक दिन हिन्दुस्तान पर आज करता हुआ नजर आने वाला है. मुग़ल सम्राट हुमायूं व उनकी किशोरी बेगम, हमीदा बानू बेगम के यहाँ अकबर का जन्म हुआ था. अकबर का शुरूआती नाम अबुल-फतह जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर रखा गया था. राजा अकबर के बारें आज तक आपने कई किस्से सुने होंगे जो काफी रोचक होते हैं लेकिन अकबर की मौत  के राज को कम ही लोग जानते हैं.

तो आज हम आपको अकबर की मौत की असली वजह बतांएगे कि आखिर कैसे अकबर की मौत उनके बेटे के कारण तड़प-तड़प कर कैसे हुई थी और क्यों अकबर का ईलाज नहीं किया गया था-

अकबर की मौत का कारण बनें उनके अपने बेटे सलीम | Akbar death story,Jodha Akbar death story in Hindi

कहते हैं कि ओलाद बड़े कर्मों से मिलती हैं लेकिन राजा अकबर ने किसी का बुरा नहीं किया फिर इनकी औलाद हमेशा इन्हीं के विरोध में रहती थी. इनके बेटे का नाम सलीम था जो अपने पिता के बिल्कुल विरूद्ध में रहता था और हर रोज नए षडयंत्र बनाकर राजा अकबर को परेशान करता था. सलीम की हर गलती को अकबर माफ कर देता था लेकिन सलीम की कई गलतियां बहुत बड़ी और माफी के काबिल नहीं थी जिस बात से दुखी होकर राजा ने फैसला किया कि वो अपने बड़े बेटे शाहज़ादा ख़ुसरो को राज्य का उत्तराधिकार बनायेगा.

अब राजा ने फैसला तो ले लिया था लेकिन सलीम के लिए भी चिंता लगी रहती थी इसका कारण ये भी था कि अकबर को सलीम बहुत प्रिये थे. जिससे सलीम की हजारों गलतियों के बाद भी माफी मिल जाती थी.

इसी प्रेम के कारण और खूब सोचने के बाद अकबर ने आखिरकार बड़े बेटे शाहज़ादा ख़ुसरो को राज्य देने से मना कर दिया जिससे राजा की अकाल मृत्यु समीप आ गई और अकबर मृत्यु के चक्रव्यु में फंस गया और सलीम को सारा राज्य का उत्तराधिकार बना दिया. दरअसल सलीम ने राजा बनने के लिए अकबर के खिलाफ ही लड़ाई छेड़ दी थी, शाहज़ादा ख़ुसरो को भी मारने का प्लान बनाया गया था.

इस प्रकार 63 साल की उम्र में ही अकबर की मृत्यु हुई. पेचिश की बिमारी से राजा काफी ज्यादा परेशान थे और इस बिमारी का ईलाज भी नहीं करवाया जा रहा था इसलिए अंत में अकबर की मौत पेचिश के कारण ही हो गयी. तो दोस्तो की तरह सलीम की गलतियों के होते हुए भी राजा अकबर ने उनके बड़े बेटे को राज्य ना देकर मृत्यु को गले से लगा लिया। इनका अंतिम संस्कार फतेहपुर सीकरी आगरा में किया गया. अकबर की मृत्यु के बाद सलीम ने मुगल साम्राज्य पर राज किया.