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अगस्ता मामले का बिचौलिया मिशेल भारत प्रत्यर्पित, दुबई से उसे लेकर रवाना हुए भारतीय अधिकारी

Jansatta 2018-12-04 23:52:23
दुबई की अदालत के आदेश के बाद इस मामले में बिचौलिया रहे क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार को दुबई में भारतीय जांच और प्रवर्तन एजंसियों के सुपुर्द कर दिया। (फाइल फोटो)

अगस्तावेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदा मामले में भारत को बड़ी कामयाबी मिली है। दुबई की अदालत के आदेश के बाद इस मामले में बिचौलिया रहे क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार को दुबई में भारतीय जांच और प्रवर्तन एजंसियों के सुपुर्द कर दिया। जांच एजंसियों के अधिकारी उसे लेकर शाम को भारत के लिए रवाना हो गए। मिशेल फरवरी 2017 से दुबई की जेल में बंद था। भारत लाने के बाद उसे सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआइ ने बताया कि मिशेल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के मार्गदर्शन में चल रहे एक अभियान के तहत भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। दुबई से मिशेल को लाने के इस अभियान में समन्वय सीबीआइ के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कर रहे हैं। एजंसी के संयुक्त निदेशक साई मनोहर के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम दुबई गई थी। इससे पहले दुबई सरकार ने उसे प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है। इस कदम के खिलाफ की गई उसकी अपील को अदालत ने खारिज कर दिया था।

मिशेल दुबई में अपनी गिरफ्तारी के बाद से जेल में है और उसे यूएई में कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के लंबित रहने तक हिरासत में भेज दिया गया था। दुबई कोर्ट आॅफ कैसेशन ने उसके वकील की ओर से दायर दो आपत्तियों को खारिज कर दिया है और भारत के सक्षम प्राधिकारियों को उसे प्रत्यर्पित करने की संभावना पर विचार करने के अपीलीय अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि मिशेल ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा। इसके तहत लोक सेवकों ने वीवीआइपी हेलिकॉप्टर की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया। भारत सरकार ने आठ फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्तावेस्टलैंड इंटरनेशनल लि. को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था।

उन्होंने कहा कि मिशेल अगस्तावेस्टलैंड मामले में भारत में आपराधिक कार्यवाही से बच रहा था। उसे यूएई से भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल के मार्गदर्शन में समूचे अभियान को सीबीआइ के प्रभारी निदेशक राव समन्वित कर रहे हैं। इससे पूर्व दुबई के अखबार ‘खलीज टाइम्स’ ने अपनी वेबसाइट पर शाम को यह खबर दी कि 54 साल के मिशेल को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ले जाया गया। उसे शाम की उड़ान से वहां से रवाना किया गया। उसे भारतीय अधिकारी ले गए हैं। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया इंटरपोल और सीआइडी के समन्वय में की जा रही है।

यह घटनाक्रम ऐसे दिन हुआ है जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अपने समकक्ष अब्दुल्ल बिन जायद से अबू धाबी में व्यापक बातचीत की। नवंबर में दुबई की अदालत ने मिशेल के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ कर दिया था। भारत ने 2017 में खाड़ी देशों से उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में उस पर आपराधिक मामले के तहत जांच कर रहे थे।

ईडी ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि उसने अगस्तावेस्टलैंड से वायुसेना के लिए हेलिकॉप्टर का सौदा कराने के लिए करीब 225 करोड़ रुपए प्राप्त किए। ईडी ने कहा था कि यह धन और कुछ नहीं, बल्कि कंपनी के द्वारा 12 हेलिकॉप्टरों के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए वास्तविक लेन-देन के नाम पर दी गई घूस थी। फरवरी 2017 में उसे संयुक्त अरब अमीरात में गिरफ्तार कर लिया गया था।

(भाषा इनपुट के साथ)