newsdog Facebook

एक डॉक्टर के सहारे सोनोग्राफी सेंटर, मरीजों की बढ़ी वेटिंग बढ़ी

Patrika 2018-12-05 18:20:09

बिलासपुर. जिला अस्पताल के सोनोग्राफी सेंटर में संविदा नियुक्ति डाक्टर ने नौकरी छोड़ दी है। इसके कारण सोनोग्राफी सेंटर में केवल एक डाक्टर रह गए हैं। स्टाफ की कमी होने के बावजूद प्रतिदिन 15 से 20 लोगों का सोनोग्राफी जांच की जा रही है और लगातार वेटिंग बढ़ रही है। अब वेटिंग 30 से अधिक हो रही है। जिस दिन डाक्टर पेशी में जाते हैं उस दिन मरीजों को बिना जांच के लौटना पड़ता है।

सिम्स के तरह जिला अस्पताल में भी सोनोग्राफी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या बढऩे से वेटिंग सूची बनने लगी है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल के सोनोग्राफी सेंटर में दो डाक्टर थे। डॉ. सुरेश तिवारी और डॉक्टर अपूर्व सिंह संविदा नियुक्ति में काम कर रहे थे। डॉक्टर अपूर्व सिंह ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को एक महीने के नोटिस देकर जिला अस्पताल में सेवा नहीं दे पाने की जानकारी दी है। डॉक्टर अपूर्व सिंह के नौकरी छोडऩे से डाक्टर तिवारी अकेले हो गए हैं। एक्सीडेंटल ,मारपीट सहित अनेक मामले में तिवारी को तीन दिन कोर्ट का चक्कर काटना पड़ता है।

ऐसे में वे तीन दिन ही जिला अस्पताल में सेवा दे पा रहे हैं। हालत यह है कि तीन दिन डाक्टर नहीं रहते हैं और इन तीनों दिन मरीजों को बिना जांच के वापस लौटना पड़ जाता है। सिविल सर्जन का कहना है कि प्रतिदिन 15 से 20 लोगों की जांच होती है जबकि 25 से 30 लोगों को वेटिंग में रखा जाता है। अस्पताल में भर्ती मरीज और गंभीर चोट वालों को प्राथमिकता दी जाती है। यही हाल मदर एण्ड चिल्ड्रन अस्पताल एक्स रे की है। यहां गर्भवती महिलाओं की जांच को काफी देर हो जाती है। भ्भीड़ अधिक होने के कारण गर्भवती महिलाओं को वापस लौटना पड़ता है। मदर एण्ड चिल्ड्रन अस्पताल में बढ़ी परेशानी मदर एण्ड चिल्ड्रन अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है। सीएमएचओ द्वारा शासन को सेटअप भेज कर स्टाफ की स्वीकृति देने की मांग की गयी लेकिन शासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां इलाज कराने वाली गर्भवती महिलाओं की लंबी लाइन लगी रहती है। अस्पताल में यह समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन शासन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।

स्टॉफ की मांग कई बार किया गया : एक डाक्टर ने नौकरी छोड़ दिया है। अब सोनोग्राफी सेंटर में केवल एक डाक्टर है। उन्ही को कोर्ट भी जाना पड़ता है। जिसके कारण वेटिंग बढ़ती जा रही है। स्टाफ की मांग से कई बार किया जा चुका है। मदर एण्ड चिल्ड्रन अस्पताल में स्टाफ कम होने से वहां भी इलाज को लेकर अनेक परेशानियां उठनी पड़ रही है।
एस एस भाटिया, सिविल सर्जन जिला अस्पताल