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पैलेस्टाईन संग्राम के पीछे इस्लामी हेतु हो, फीर भी मानवतावाद की परत चढाकर ‘पैलेस्टाईन’ की मार्केटिंग हो अमरिका में चरमपंथी नेता की योजना

Pratyaksha Mitra 2018-12-05 19:35:52

न्यू जर्सी – ‘पैलेस्टाईन के लिए शुरू संघर्ष का प्रयोजन इस्लामी ही है| परंतु विश्व भर में इसका प्रचार करते समय सभीयोश का सहयोग मिले इसलिए इस पर मानवतावाद की परत चढ़ाकर इसकी मार्केटिंग करनी चाहिए’, ऐसे अमरिका के एक इस्लाम धर्म के नेता ने कहा है| इमाम सईद अलकसाबी नाम का यह नेता अमरिका के न्यू जर्सी में ‘वर्कशॉप फॉर पैलेस्टाईन’ में बातचीत करते हुए अपनी परियोजना प्रस्तुत कर रहा था|

वर्णित कार्यक्रम दो सप्ताह पहले हुआ था| परंतु उसका वीडियो अभी सामने आ रहा है| इस कार्यक्रम में ‘पैलेस्टाईन’ का प्रश्न कौन से मार्ग से सुलझाना चाहिए, इस पर विविध वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए थे| आने वाले ५० वर्षों में इस्रायल अस्तित्व में नहीं रहेगा, ऐसा इस मौके पर एक कट्टरपंथी धार्मिक नेता ने कहा था| तो दूसरे ने अमरिका इस्रायल को कर रहा आर्थिक सहयोग रोकने का प्रयत्न करने का आवाहन किया था| उस समय बोलते हुए अलकसाबी ने अलग ही योजना प्रस्तुत की है|

विश्व भर से इस्रायल के विरोध में और पैलेस्टाईन के पक्ष में सार्वजनिक मत परिवर्तित करने के लिए और पैलेस्टाईन को अधिक सहयोग दिलवाने के लिए मार्कटिंग करना आवश्यक है, यह अलकसाबी ने कहा है| पैलेस्टाईन के संघर्ष के पीछे इस्लामी प्रयोजन होने पर भी उसका विश्व भर में मार्कटिंग करते हुए यह मानवतावाद का मुद्दा है, ऐसा समझ करानी होगी| इससे पैलस्टिनियों को विश्व भर से समर्थन मिलेगा ऐसा दावा, अलकसाबी ने किया है|

पैलेस्टाईन की सीमा केवल १९४८ और १९६७ साल तक मर्यादित नहीं रखी जा सकती| साथ ही, पैलेस्टाईन का कवरेज इससे भी बहुत बड़ा है, ऐसा दावा इस बार अकलसाबी ने किया है| विश्व भर के अरब तथा इस्लामधर्मियों के ह्रदय में पैलेस्टाईन के लिए विशेष स्थान है, ऐसा मत इस बार अलकसाबी ने प्रस्तुत किया है| अमरिका पैलस्टिनियों की मांगों को नजरअंदाज कर इस्रायल का समर्थन ना करें, ऐसी मांग जोर पकड़ रही है| राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने अमरिका का तेल अविव के दूतावास को जेरुसलम में स्थलांतरित करने के बाद उन पर तीव्र आलोचना हुई थी|

ऐसी परिस्थिति में कट्टरपंथी पैलेस्टाईन के प्रश्न से संबंधित ऐसे उत्तेजक कथन कर रहे है, इससे पैलेस्टाईन का प्रश्न सुलझने के बदले अधिक पेचीदा हो रहा है, यह दिख रहा है|