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इस चीनी महिला की गिरफ्तारी से हिल गए दुनिया के बाजार, अमेरिका-चीन फिर आमने सामने

Catch Hindi 2018-12-07 12:23:00

हुवेई टेक्नोलॉजीज कंपनी के संस्थापक रेन झेंग्फी की बेटी वानजाउ मेन्ग की कनाडा में गिरफ्तारी ने अमेरिका और चीन के बीच तनाव और भी बढ़ा दिया है. 1987 में हुवेई की शुरुआत हुई थी. अगले तीन दशकों में यह चीन के स्मार्टफोन और दूरसंचार उपकरणों की सबसे बड़ी निर्माता बन गई. चीनी दिग्गज मोबाइल कंपनी हुवेई के सीएफओ की गिरफ्तारी का वैश्विक बाजार पर भी बड़ा असर दिखाई दिया. माना जा रहा ही कि इसका असर अमेरिका और चीन के बीच संबंधों पर पड़ा सकता है. इस गिरफ़्तारी के बाद निवेशकों में भारी चिंता है.

प्रमुख वैश्विक बाजारों में 2 प्रतिशत या उससे अधिक की गिरावट दर्ज की गई. जबकि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 4 फीसदी से गिरकर 60 डॉलर प्रति बैरल से कम हो गई. सेंसेक्स में 572 अंक, या 1.6 फीसदी की गिरावट के साथ 35,312 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 182 अंक या 1.7 फीसदी गिरकर 10,601 हो गया.

यह लगभग दो महीने में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए सबसे बड़ा झटका था. डॉलर के मुकाबले 70.46 के पिछले दिन की तुलना में रुपये 70.90 पर बंद हुआ. बुधवार को कनाडाई अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने 1 दिसंबर को स्मार्टफोन निर्माता हुवेई टेक्नोलॉजीज के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर मेन्ग वानजाउ को गिरफ्तार कर लिया.

उसी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी नेता शी जिनपिंग ने अर्जेंटीना में जी-20 शिखर सम्मेलन में मुलाकात की थी. हुवेई के संस्थापक की बेटी मेन्ग ईरान प्रतिबंधों के संभावित उल्लंघन पर अमेरिका को प्रत्यर्पण का सामना कर रही है. इस कदम से वैश्विक इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को डर था कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंध वैश्विक आर्थिक विकास को खराब कर सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं.

वॉल स्ट्रीट वैश्विक शेयरों में बिकवाली में शामिल हो गया, जो डाउन जोन्स इंडस्ट्रियल औसत में 2 फीसदी और व्यापक आधार पर एसएंडपी 500 1.6 फीसदी की गिरावट के साथ तेजी से कम रहा. यूरोप के बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 3 फीसदी की कमी आई, जबकि जापान के निकेकी 225 में 2 फीसदी की कमी आई. हांगकांग और चीन के बाजार भी रेड मार्क में समाप्त हुए.

मुख्य बाजार विश्लेषक, थिंक मार्केट्स ने ब्लूमबर्ग से कहा, "अमेरिका और चीन के बीच पूरे व्यापार में कमी, जो बाजार में कुछ आशावाद को बढ़ावा देती है, गिरफ्तारी के बाद एक बड़ा खतरा है." बीएसई एनर्जी इंडेक्स वैश्विक वस्तुओं की कीमतों में गिरावट के बीच 2.35 फीसदी की गिरावट के साथ सभी 19 बीएसई सेक्टरल इंडेक्स घाटे के साथ समाप्त हुआ. बीएसई ऑटो इंडेक्स 2.3 फीसदी गिर गया.

रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस सेंसेक्स पर सबसे ज्यादा ड्रैग थे, जिसमें पूर्व में लगभग 3 फीसदी गिरावट आई थी और बाद में 2 फीसदी की गिरावट आई. मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स बेंचमार्क इंडेक्स पर सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा, जिनमें से प्रत्येक में 4 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई. सन फार्मा सेंसेक्स पर एकमात्र अग्रिम स्टॉक था. लगभग छह वर्षों में सबसे कम बंद होने के बाद फार्मा प्रमुख के शेयर 1.6 फीसदी बढ़ गए.

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