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जिंदगी जीने का सही तरीका, एक बार पढ़ें, आपकी जिंदगी बदल जाएगी

INFORMATION ORIGINAL 2019-01-05 11:20:27



यह कहानी एक कौआ के बारे में जो है जो अपने जीवन से काफी दुखी था। उसे लगता था भगवान ने उसे अच्छा रूप नहीं दिया है वह मानता था कि अच्छा रूप हो अच्छा गला हो तो व्यक्ति के जीवन में हैप्पीनेस हो सकती है लेकिन मेरे जीवन में हैप्पी होने का खुश होने का कोई कारण नहीं नहीं है। तब उसकी नजर कोयल पर जाती है उसे लगता है कि कोयल को कितनी मीठी आवाज मिली है इसीलिए शायद वह हैप्पी होगी। वह कोयल के पास जाता है और पूछता है कि तुझे भगवान ने इतना अच्छा गला दिया है तू तो खुश होगी न ? तब कोयल कहती है कि बगुले के पास तो अच्छा गला भी है और अच्छा रूप भी होता है। भगवान ने तो मुझे सिर्फ और सिर्फ अच्छा गला दिया है रूप नहीं तो शायद मेरे से ज्यादा हैप्पी तो बगुला होगा। 



कौआ उड़ता हुआ एक बगुले के पास जाता है और कहता है कि भगवान है तुझे इतना अच्छा रूप भी दिया इतना अच्छा गला भी दिया तो तू तो दुनिया में सबसे ज्यादा खुश है। तब बगुला कहता है नहीं भगवान ने मुझे सिर्फ एक ही रंग दिया है उसने तोते को ज्यादा रंगीन भी बनाया है तो शायद मेरे से ज्यादा हैप्पी तो वही तोता हो सकता है। कौआ सोचता है बात तो सही है उड़ता हुआ तोते के पास जाता है तो तोते से पूछता है कि तुझे इतना अच्छा गला दिया है इतना अच्छा रूप दिया है तो तू खुश है ना? तोता मन ही मन में सोचते हुए कहता है कि शायद मेरे से ज्यादा हैप्पी मेरे से ज्यादा खुश तो मोर होना चाहिए क्योकि मुझे तो भगवान ने सिर्फ दो ही रंग दिए हैं उसे तो कई गुना ज्यादा रंग दिए हैं। सभी लोग मोर के साथ फोटो खिंचवाने के लिए खड़े होते हैं, वह कब नाचे लोग उसकी राह देखते हैं। मेरे से ज्यादा हैप्पी तो वह मोर होना चाहिए।



कौआ उड़ता हुआ एक मोर के पास जाता है। जाकर उसे कहता है दोस्त मुझे लगता है कि तू तेरे जीवन में सबसे ज्यादा हैप्पी है सबसे ज्यादा खुश है। लोग तेरे पीछे पागल है तुझे देखने के लिए, तेरी एक झलक पाने के लिए लोग पागल है। सेल्फी तेरे साथ खिंचवाना चाहते हैं तो इस दुनिया में कोई तुझसे ज्यादा खुश नहीं हो सकता। तब मोर उसे बहुत ही प्यारा सा जवाब देता है मुझे यह लगता है कि मेरे से ज्यादा हैप्पी तुम हो। यह सुन कौवा सोच में पड़ गया कि नहीं मैं तो हैप्पी नहीं हूँ तब उसने पूछा कैसे? मोर कहता है आज तक मै जितने भी चिड़ियाघर गया कभी भी कौवे को मैंने वहां कैद नहीं देखा। तब जाकर कौआ को सचाई का एहसास होता है कि मेरी जीवन में अच्छा रंग-रूप भले ही नहीं है पर यह शायद छोटी बात है। मेरे लिए खुश रहने का कारण है कि मैं कभी भी पिंजरे में बंद नहीं हुआ।



 आज मेरी यह कहानी पढ़ने वाले सारे दोस्तों को भी यही बात कहना चाहता हूं ज्यादातर हम दूसरों के सुख को, संपत्ति को देख कर यही मानते हैं कि शायद वह खुश होगा। दोस्तों यह देखो की आपके जीवन में कौन सी अच्छी चीज है। भगवान ने सभी को कुछ न कुछ अच्छा दिया है उसे पहचानो और भगवान के दिए हुनर को समझो यदि आप उसके ऊपर ध्यान देंगे तो आप जिंदगी भर खुश रहेंगे। आज के बाद दूसरों के साथ कंपैरिजन करना, दूसरों के साथ कंपटीशन करना बंद करें। अपने खुद के जीवन में जो भी अच्छाइयां है उसको देखने की शुरुआत करें। उम्मीद करते हैं