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कुम्भ पर शामिल होने वाले नागा साधुओं की कुछ रहस्यमयी बातें, जिन्हें नही जानते होंगे आप

CareGuru Hi 2019-01-10 11:35:26

कुम्भ पर शामिल होने वाले नागा साधुओं की कुछ रहस्यमयी बातें, जिन्हें नही जानते होंगे आप


15 जनवरी 2019 से कुंभ का आगाज होगा और यह महाकुंभ 4 मार्च तक रहेगा। यह कुंभ अब तक का सबसे बड़ा कुंभ मेला माना जा रहा है जिसमें देश-विदेश से लोग आएंगे और कुंभ स्नान का फायदा उठा सकेंगे। इस कुंभ में नागा साधु भी भारी मात्रा में आने वाले हैं। नागा साधु साधुओं में से सबसे रहस्यमई साधु माने जाते हैं तथा इनके जीवन जीने का ढंग सबसे अलग होता है। इनका उद्देश्य पूरी तरह से खुद को भगवान में विलीन कर देना होता है तथा इनका घर परिवार से किसी भी तरह का मतलब नहीं होता है। नागा साधु अपने बालों को संवारने के लिए रेत और आग के भस्म का उपयोग करते हैं जो पूरी तरह से विचित्र है। 

नागा साधुओं का पंच केश

जब भी प्रयागराज में कुंभ का मेला होता है तब नागा साधु भारी मात्रा में हमें देखने को मिलते हैं और इस दौरान सबसे अधिक चर्चा का विषय बन जाते हैं। नागा साधुओं की प्रत्येक कार्य करने की विधि और वस्तुएं आम साधुओं से अलग होती है और यही कारण है कि लोग इन्हें हैरत पूर्ण नजरों से देखते हैं। नागा साधु 17 तरह के श्रृंगार करते हैं जिसमें पंच केश उनका प्रमुख माना जाता है। नागा साधुओं में पंच केश का मतलब अपनी जटाओं को 5 बार घुमाकर बांधना है। इन साधुओं को अपनी जटाओं से बहुत प्रेम होता है तथा आपको कई ऐसे साधु देखने को मिल जाएंगे जिनकी जटाएं बहुत लंबी हैं। नागा साधुओं के बारे में सबसे विचित्र बात है कि यह कब गुस्सा हो जाएं और कब यह खुशी से झूम उठे इसका कोई भी पता नहीं लगा सकता।

कैसे कहलाते हैं नागा साधु

नागा एक संस्कृत का शब्द है जिसका हिंदी में अर्थ 'पहाड़' है। इसी शब्द के अर्थ को देखते हुए, पहाड़ पर रहने वाले लोग नागा सन्यासी या साधु के नाम से जाने जाते हैं, जिनका अपने घर परिवार से किसी भी तरह का मतलब नहीं होता है। दूसरे शब्दों में, वस्त्र हीन रहने वाले लोगों को नागा कहा जाता है तथा यह आदि शंकराचार्य के द्वारा निर्मित अखाड़ों में अपना गुजर-बसर करते हैं। नागा साधु तीन प्रकार के योग करने में लालायित रहते हैं जो उन्हें ठंड भरे मौसम में भी भरपूर गर्मी प्रदान करता है। अपने मन को नियंत्रण में रखने की शक्ति इन में बहुत होती है तथा यह अपने खान-पान पर भी भारी नियंत्रण रखते हैं। प्रत्येक नागा साधु के पास तलवार, त्रिशूल, शंख, चिलम, रुद्राक्ष और विभूति जैसी चीजें आपको देखने में को मिल जाएंगी जिनमे चिलम बहुत खास है।

जटाएं हैं एक रहस्य

नागा साधुओं की लंबी-लंबी जटाओं को समझ और संभाल पाना बहुत पेचीदा मुद्दा है। दुनिया में मशहूर कुंभ मेले में शिरकत करने पहुंचे एक नागा साधु ने बताया, कि उसकी जटा की लंबाई 10 फीट से अधिक है और 30 वर्षों से वह अपनी जटाओं की भरपूर सेवा करते आ रहा है। नागा साधुओं को उनकी जटाओं से बहुत प्यार होता है और इसे निखारने के लिए वह केवल आग के भस्म का इस्तेमाल करते हैं। इन साधुओं का कहना होता है कि इतनी लंबी जटाओं को संभालना आम व्यक्ति के जीवन में आने वाली समस्याओं से कम कठिन नहीं है।