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सरकार ने आलोक वर्मा की सीबीआई के निदेशक पद से हटाया, कांग्रेस ने किया विरोध!

Dainik Pukar 2019-01-10 00:00:00

नई दिल्ली. विवादों में फंसे सीबीआई के मुखिया रहे आलोक वर्मा को मोदी सरकार ने पद से हटा दिया है. उल्लेखनीय है कि बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय ने मोदी सरकार के फैसले को पलटते हुए वर्मा को उन्हें कार्यभार दोबारा सौंपा था. गुरूवार को एक अचानक घटे घटनाक्रम में सरकार ने अलोक वर्मा को सीबीआई के मुखिया पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया. यानि पिजड़े का तोता फिर एक बार मुश्किल के दौर से गुजर रहा है.

हम बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने गुरुवार को सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से ही हटा दिया. समिति के अन्य सदस्यों में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस एके सीकरी शामिल थे. जस्टिस सीकरी देश के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की तरफ से उपस्थित हुए. यह अहम बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली और आखिरकार आलोक वर्मा पर ही गाज गिरी. सिलेक्ट कमिटी ने 2-1 से यह फैसला लिया. रिपोर्ट के मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस फैसले का विरोध किया. गौर करने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ही आलोक वर्मा को उनके पद पर बहाल कर दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक आलोक वर्मा को फायर सेफ्टी विभाग का महानिदेशक बनाया गया है. अधिकारियों ने बताया है कि पैनल की बुधवार को हुई बैठक बेनतीजा रही थी. यह खबर ऐसे समय में आई है जब कुछ देर पहले ही खबर आयी थी कि सीबीआई सूत्रों ने जानकारी दी थी कि आलोक वर्मा ने गुरुवार को 5 बड़े अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया था. सीबीआई के भीतर का विवाद करीब 3 महीने से चल रहा है. सरकार ने करीब दो महीने पहले वर्मा को जबरन छुट्टी पर भेज दिया था.

उच्चस्तरीय समिति की बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्होंने मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग सीवीसा की जांच रिपोर्ट सहित कई दस्तावेज मांगे हैं. उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, ‘मैंने मामले में सीवीसी की जांच रिपोर्ट सहित कुछ दस्तावेज देने के लिए कहा है.’ उन्होंने कहा था कि आलोक वर्मा को भी समिति के सामने उपस्थित होने का मौका मिलना चाहिए और उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका देना चाहिए.