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लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन? कल औपचारिक ऐलान संभव

Newsroom Post 2019-01-11 10:15:46

लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन? कल औपचारिक ऐलान संभव

नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमों मायावती के लखनऊ पहुंचते ही राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। शनिवार को दोनों पार्टियों के मुखिया संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे। इस दौरान आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का ऐलान भी होने की पूरी-पूरी संभावना है।

आपको बता दें, कि अखिलेश यादव की सपा और मायावती की बसपा में बीते कुछ समय से गठबंधन और उसकी सीटों पर बातचीत चल रही है। पिछले सप्ताह दिल्ली में भी उन दोनों की मुलाकात की खबरें आईं थीं और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया बसपा-सपा के बीच गठबंधन पर बातचीत चल रही है और कांग्रेस को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, बताया तो यह भी जा रहा है कि सपा-बसपा के बीच 37-37 सीटों पर करार हुआ है।



इतना ही नहीं, बसपा-सपा गठबंधन यूपी की अन्य छोटियों पार्टियों को भी अपने साथ लेने की जुगत में है। राष्ट्रीय लोकदल और निषाद पार्टी भी इस गठबंधन का हिस्सा हो सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी की मानें तो मायावती और अखिलेश यादव इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गए हैं और बस सिर्फ ऐलान की देरी है।

वहीं सूत्रों का दावा है कि उत्तर प्रदेश की ये दोनों बड़ी पार्टियां 37-37 लोकसभा सीटों पर साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। बता देंकि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं। यूपी की सियासी गलियाओं में चर्चा इस बात पर भी है कि बसपा-सपा गठबंधन में अमेठी और रायबरेली की सीटें छोड़ दी जाएंगी और वहां किसी भी उम्मीदवार को नहीं उतारा जाएगा।

इसके बाद जो सीटें बच रही हैं उससे राष्ट्रीय लोकदल और अन्य छोटी पार्टियों के लिए छोड़ा जायेगा। यानी सपा और बसपा के बीच गठबंधन की बात सही साबित होती है तो इसका मतलब है कि कांग्रेस इस गठबंधन का हिस्सा नहीं होगी और यूपी की अन्य क्षेत्रीय पार्टियों को जोड़ने की सपा-बसपा पूरजोर कोशिश करेगी। इस तरह से देखा जाए तो सपा-बसपा का संगम होता है तो कांग्रेस बड़ा झटका तो होगा। साथ ही साथ बीजेपी के लिए भी किसी बड़े झटके से कम नहीं होगी।