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कांशीराम-मुलायम की राह पर मायावती-अखिलेश

Eenadu India hi 2019-01-12 12:03:00

मायावती और अखिलेश यादव. (सौ. twitter)


नई दिल्ली/लखनऊ: इस साल की सबसे बड़ी राजनीतिक हलचल ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में हलचल मचा दी है. 1993 के बाद पहली बार दो धुर विरोधी पार्टियां एक प्लेटफॉर्म पर आ गई हैं. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने साथ आने की घोषणा कर दी.

इस आशय की जानकारी शुक्रवार को ही बसपा के महासचिव सतीश मिश्रा और सपा सचिव राजेंद्र चौधरी ने दे दी थी. आपको बता दें कि कांशीराम और मुलायम सिंह यादव ने सबसे पहले इस गठबंधन की पहल की थी. हालांकि, यह गठबंधन बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका और उसके बाद दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ काम करती रहीं.
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लोकसभा की 80 सीटों में से सपा और बसपा की योजना 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ने की है. इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को भी दो या तीन सीटें देने की चर्चा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सीट अमेठी और सोनिया गांधी की सीट रायबरेली पर महागठबंधन अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगा.