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एक भी चोर को नहीं छोड़ेगा चौकीदार : प्रधानमंत्री मोदी

sabguru.com 2019-01-12 18:00:03
pm modi attack congress in Ramlila Maidan

नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकारों पर भ्रष्टाचार और संस्थानों के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुये आज कहा कि देश के पैसे की चोरी करने वाले चाहे देश में हों या विदेश भागे हों, उन्हें छोड़ा नहीं जायेगा।

मोदी ने यहाँ ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुये कहा कि सरकार पहली बार किसी हथियार सौदे के बिचौलिये (क्रिश्चन मिशेल) को पकड़कर देश में लाई है। इस बिचौलिये से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि राफेल विमान सौदे में संप्रग सरकार इसलिए देरी कर रही थी कि यह बिचौलिया राफेल की बजाय किसी अन्य कंपनी से लड़ाकू विमान खरीदवाना चाहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सच अब सामने आ रहा है। इसीलिए कांग्रेस के नेता शोर मचा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा “इसलिए वे गाली-गलौज साजिश पर उतर आये हैं। चाहे कोई कितना भी झूठ बोले, गाली दे, चौकीदार रुकने वाला नहीं है। चोर चाहे देश में हो या विदेश में, यह चौकीदार एक को भी छोड़ने वाला नहीं है।” राफेल विमान सौदे में उसकी कीमत को लेकर लगाये जा रहे आरोपों पर बचाव करते हुये उन्होंने कहा कि खाली बोरी की कीमत हमेशा कम होती है और उसमें गेहूँ या चावल भर देने से उसकी कीमत अलग हो जाती है। यह बात कोई कम पढ़ा-लिखा आदमी भी आसानी से समझ सकता है, लेकिन जो समझना ही नहीं चाहता उसे नहीं समझाया जा सकता।

मोदी ने कहा कि जब वर्ष 2014 में उनकी सरकार बनने से पहले संप्रग सरकार ने बैंकों को बेहाल और बदहाल कर कंगाल होने की स्थिति में पहुँचा दिया था। उन्होंने कहा कि यदि उस समय बैंकों की वास्तविक स्थिति का “राज” खोल दिया गया होता तो अर्थव्यवस्था का बुरा हाल हो जाता। इसलिए उनकी सरकार ने धीरे-धीरे काम किया और अब पैसा बैंकों की स्थिति मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा “2014 से पहले देश उस स्थिति में था जब बैंकों में अपना पैसे जमा करने वालों की कोई कद्र नहीं थी। जिनके पास जनता के पैसे की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वो ही जनता का पैसा लुटा रहे थे, कांग्रेस की सरकार में जनता का पैसा घोटालेबाजों को ऋण के रूप में दिया जा रहा था। देश के साथ कांग्रेस ने गंभीर विश्वासघात किया है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय ऋण लेने के दो तरीके थे। एक था – कॉमन प्रोसेस (सामान्य प्रक्रिया) और दूसरा कांग्रेस प्रोसेस। कॉमन प्रोसेस में आप बैंक से लोन माँगते थे और कांग्रेस प्रोसेस में बैंकों को कांग्रेस के घोटालेबाज मित्रों को ऋण देने के लिए मजबूर किया जाता था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी से लेकर वर्ष 2008 तक 60 साल में बैंकों ने मात्र 18 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया था, लेकिन 2008 से 2014 तक यह आँकड़ा बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपये हो गया, यानि कांग्रेस के आखरी छह साल में 34 लाख करोड़ रुपये के ऋण दिये गये। हमने कांग्रेस प्रोसेस वाली व्यवस्था पर लगाम लगाई है। इसका परिणाम है कि पहले जहाँ बैंकों का पैसा जा रहा था, वहीं अब बैंकों में पैसा वापस आ रहा है। उन्होंने बताया इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड आने के बाद से बैंकों में तीन लाख करोड़ रुपये वापस आये हैं। यदि पहले की सरकार होती तो यह भी लूट लिया होता।

नेशनल हेराल्ड मामले पर भी कांग्रेस को घेरते हुये श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसका “नामदार परिवार” सिस्टम को कैसे तोड़ता है उसका यह उदाहरण है कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य नेता जमानत पर बाहर हैं। इस मामले से पता चलता है कि कांग्रेस के नेता जनता की जमीन और धन भी हड़प लेते हैं।

उन्होंने कहा “वे यही मानते रहे – हम नामदार हैं, हम राजा हैं। सच्चाई यह है कि उन्हें सच बताने में दिक्कत होती है। यंग इंडिया मामले में निचली अदालत ने 44 बार बुलाया, लेकिन वे एक बार भी नहीं गये। छह महीने में ही छह बार वे नहीं आये।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जमानत पर बाहर घुमने वाले इन नेताओं को न कानून पर विश्वास है, न सत्य पर भरोसा, और न ही इनको संस्थानों पर विश्वास है। इनको राजशाही पर भरोसा है, लेकिन हम लोकशाही को मनाने वाले लोग हैं। आज उन्हें सीबीआई स्वीकार नहीं है, कल कोई दूसरी संस्था स्वीकार नहीं होगी। आर्मी, पुलिस, उच्चतम न्यायालय, चुनाव आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक – सब गलत हैं, लेकिन एक मात्र वही सही हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से सवाल किया क्या हम राष्ट्र को उनके भरोसे छोड़ सकते हैं? भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। हम इस बात पर गर्व कर सकते हैं।

मोदी ने कहा “हमसे पहले की सरकार का जो कार्यकाल था, उसने देश को बहुत अंधेरे में धकेल दिया था। अगर मैं कहूँ कि भारत ने 2004 से 2014 के महत्वपूर्ण 10 साल, घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों में गँवा दिये, तो गलत नहीं होगा।”