newsdog Facebook

CBI claims: Chitfand scam accused had given money to Mamta's party, in return Rajiv Kumar was in defense

Jansatta 2019-02-06 08:46:01
राजीव कुमार कोलकाता पुलिस कमिश्नर। (फाइल फोटो)

अनंतकृष्णन जी/रविक भट्टाचार्य
पश्चिमी बंगाल में राजीव कुमार की अगुवाई में एक स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई थी। यह एसआईटी चिटफंड घोटाले की जांच कर रही थी। शारदा, मेसर्स रोज वैली और टॉवर ग्रुप आदि कंपनियां पर चिटफंड घोटाले का आरोप है। राजीव कुमार उस समय इन कंपनियों का बचाव कर रहे थे। राजीव कुमार अभी कोलकाता के पुलिस कमिश्नर हैं। इन आरोपियों ने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को चंदा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अपने अतिरिक्त हलफनामे में इसे रिकॉर्ड पर डालते हुए, सीबीआई ने आरोप लगाया कि कुमार ने एक प्रमुख आरोपी के कॉल डेटा रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की और नष्ट कर दिया”, रोज वैली के खिलाफ दर्ज एफआईआर को दबा दिया और सबूत वापस ले लिये। पहली नजर में देखें तो कुमार ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और अन्य आईपीसी के अपराधों के तहत अपराध किए हैं। कुमार ने इन चिट फंड कंपनियों की एसआईटी जांच में गड़बड़ी से इनकार किया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई के साथ सहयोग करने का निर्देश देने के घंटों बाद, उन्होंने एजेंसी को लिखा कि वह 8 फरवरी को शिलांग में अधिकारियों से मिलने के लिए तैयार हैं।

अपने हलफनामे में, सीबीआई एसपी पार्थ मुखर्जी ने कहा कि कोलकाता में रजिस्टर “शारदा चिट फंड” में कुमार की “प्रथम भूमिका” की जांच की जा रही है। एजेंसी ने दावा किया कि उसने इससे जुड़े सबूत जुटाए हैं, इसमें सीनियर पुलिस अधिकारियों और सीनियर नेताओं के पत्र आदि हैं। इन्हें कोर्ट के सामने सील बंद लिफाफे में पेश करने की अनुमति मांगी।

कुमार पर आरोप लगाया गया कि, “28.6.2018 को सीबीआई सीडीआर में सबूत सौंपने के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई और उन्हें नष्ट किया गया। हलफनामे में आरोप लगाया गया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा 9 मई 2014 को एजेंसी को जांच सौंपे जाने के बाद भी, “कुमार एसआईटी द्वारा एकत्र किए गए सबूतों के साथ जांच सामग्री के साथ हिस्सा नहीं ले रहे थे”।

Also Read
  • अन्ना हजारे ने तोड़ा अनशन, मनाने पहुंचे थे सीएम फडनवीस
  • Mamata Banerjee vs Centre Updates: ममता बनर्जी का धरना खत्म, बोलीं- प्रधानमंत्री इस्तीफा दो, वापस गुजरात जाओ

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App