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बिहार डीजीपी का ऐलान- अपराधियों को मुर्ग-मुसल्‍लम नहीं खाने दो, भगोड़ों के घर खोद डालो

Jansatta 2019-02-06 19:01:01
बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय (फोटो सोर्स ; Twitter)

पिछले महीने ही बिहार के पुलिस महानिदेशक पद पर बैठे गुप्तेश्वर पांडेय ने राज्य की कानून व्यवस्था सुधारने का मैसेज देने के लिए नया तरीका निकाला है। राज्य के पुलिस मुखिया पांडेय ने फेसबुक लाइव के जरिए अपना संदेश दिया है। उन्होंने अपने संदेश की शुरुआत सरकार की प्राथमिकता से की। हालांकि उन्होंने करीब आधे घंटे के लाइव में कई बातें कहीं। उनका कहना है कि अपराधियों को मुर्ग-मुसल्‍लम न खाने दो। साथ ही उन्होंने पुलिस को भगोड़ों का घर खोद डालने की भी छूट दे डाली। लाइव के दौरान डीजीपी ने बताया कि गुंडे 16 तरह के होते हैं।

डीजीपी पांडेय फेसबुक लाइव के जरिए अपना मैसेज देने की शुरुआत अपने परिचय से करते हैं। आगे वह कहते हैं कि सरकार ने बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है। राज्य पुलिस के मुखिया का पद मिलने पर वह नीतीश सरकार का शुक्रिया भी अदा करते हैं। वह कहते हैं कि, ‘सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। हर सरकार की प्राथमिकता सुशासन होनी चाहिए’। वह सुशासन का मतलब समझाते हुए कहते हैं कि, ‘अपराध का नियंत्रण होना ही चाहिए। कानून का राज होना चाहिए। वह कहते हैं कि सुशासन में कानून तोड़ने वालों को सजा मिलनी चाहिए’।

वह अब आगे कहते हैं कि, ‘ऐसा नहीं है कि कोई अपराध करके मुर्गी-मुसल्लम जाके खाए और ऐश करे। अपराधियों को कानून का भय होना चाहिए’। इसके बाद वह राज्य की जनता से अपने और पुलिस के लिए सहयोगी की भी अपील कर हैं। इसके आगे वह मॉब लिंचिंग की भी बात करते हैं। वह कहते हैं कि अगर राज्य के लोग ऐसा करेंगे तो पूरे देश में बिहार बदनाम होगा। वीडियो में ही वह बिहार के गौरव को लाने का तरीका भी बताते हैं।

अपराधियों को लेकर वह कहते हैं कि, ‘जात मजहब के नाम पर अपराध करने वालों को संरक्षण मिलता है’। वह बताते हैं कि बिहार के समाज में अपराधी केवल दो प्रतिशत ही है। इससे ज्यादा नहीं है। अब वह आगे राज्य के अपराधियों के खिलाफ खुला ऐलान कर देते हैं। वह कहते हैं कि अपराधियों के विरुद्ध अब अभियान चलेगा मतलब चलेगा। डीजीपी तल्खी के साथ कहते हैं कि पेशवर अपराधियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। वह बिहार के पुलिस अधिकारियों और यहां तक कि सिपाहियों से बिहार का गौरव वापस लाने के नाम पर कहते हैं कि, अपराधियों पर कहर बनकर टूट पड़ो। अपराधियों और गुंडों में खौफ पैदा करो। वह पुलिसकर्मियों से कहते हैं कि कानून की ताकत दिखाकर भय पैदा करो।

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वह भागे हुए अपरोधियों को लेकर कहते हैं कि, ‘भगौड़ों के घर जाकर खिड़की वगैरह निकाल लाओ। घर का सारा सामान उठा लाओ। अपराधियों की चल अचल संपत्ति जब्त कर लो’। इसके आगे डीजीपी बताते हैं कि ‘गुंडे 16 तरह के होते हैं। जनता से इसका मतलब नहीं है। पर अपराधी 16 तरह के ही होते हैं’।


 

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