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EXAMINATIONS SPECIAL: आसान टिप्स अपनाएं, परीक्षा की टेंशन भगाएं

Eenadu India hi 2019-02-11 17:00:00

डिजाइन इमेज।


हैदराबाद/रांचीः परीक्षा का वक्त आते ही स्टूडेंट्स अक्सर तनाव में आ जाते हैं. बेहतर नतीजे की चिंता में वे रातभर जागकर पढ़ते हैं. खाना-पीना भूलकर पाठ्यक्रम को रटने लगते हैं. इन सब के बावजूद कई बार नतीजे अच्छे नहीं आते. अब आपको परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि हम बताने जा रहे हैं ऐसे आसान टिप्स जिसे अपनाकर आप परीक्षा की टेंशन को भूल जाएंगे और नतीजे भी बेहतर आएंगे.


वार्षिक परीक्षाएं निकट आ रही हैं. यह तैयारी को तेज करने का समय है. अगले दो महीनों के दौरान तैयारी सालभर के लंबे अध्ययन के परिणाम को तय करेगी. व्यक्तित्व विकास विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हम एक उचित योजना के बिना आगे बढ़ते हैं तो मनोवांछित परिणाम प्राप्त नहीं किए जा सकते हैं.

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  • परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्टूडेंट देर रात तक जागना पसंद करते हैं लेकिन देर रात तक जागने से न केवल स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि एकाग्रता भी बाधित होती है.
  • पढ़ाई के लिए देर रात तक जागने के बजाय7घंटे की पर्याप्त नींद लें और सुबह लगभग 4 बजे उठकर पढ़नाशुरू करें. सुबह के वक्त पढ़ाई के लिए वातावरण अत्यधिक अनुकूल होता है.

 


  • किताबें खोलते ही अक्सर कुछ स्टूडेंट्स का मन पढ़ाई छोड़कर कहीं और चला जाता है. इसकी वजह एकाग्रता की कमी है. कुछ सुझावों का पालन करके बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं.
  • एकाग्रता में सुधार के लिए, हमें कागज के एक टुकड़े पर पहले एक चक्र या एक पक्षी की तस्वीर बनानी चाहिए. भले ही तस्वीर अच्छी न हो फिर भी एक ही लाइन पर बार-बार ड्रा करें. यह एकाग्रता को बहुत बढ़ाएगा.
  • जब किसी चीज का एकाग्रता से अध्ययन किया जाता है, तो वह लंबे समय तक हमारे दिमाग में बनी रहती है.
  • पढ़ाई शुरू करने से पहले हल्का व्यायाम करने से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. स्किपिंग और जॉगिंग को प्राथमिकता दी जा सकती है. व्यायाम शरीर में ऑक्सीजन के स्तर में सुधार करता है जो एकाग्रता को विकसित करने में मदद कर सकता है.


ब्रीदिंग एक्सरसाइज ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है. इसकी विधि बहुत आसान है और इसे आप स्टडी चेयर पर बैठे-बैठे ही कर सकते हैं. सबसे पहले दाईं नाक को बंद करें और बाईं नाक से सांस अंदर लें. थोड़ी देर सांस अंदर रोकने के बाद बाईं नाक को बंद करें और दाईं नाक से सांस छोड़ दें. सुनिश्चित करें कि इस अभ्यास के दौरान रीढ़ सीधी रहे. इस अभ्यास को 4 से 5 मिनट तक दोहराएं. इसे दिन में चार बार दोहराने से अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं.


(प्रणायाम की विधि)



  • परीक्षा के दौरान जंक फूड और अत्यधिक तेल-मसालों से बचना चाहिए. ऐसे फूड आपका हाजमा बिगाड़ सकते हैं. हल्का, पोषक और संतुलित आहार लेना चाहिए.
  • शहद, फल, गाजर, चुकंदर और पर्याप्त मात्रा में हरी सब्जियां जरूर खाएं. ये सारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं.

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  • परीक्षा के दौरान माता-पिता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. टीवी धारावाहिकों की आदी माताओं को टीवी से दूर रहने के लिए खुद को थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है.
  • टीवी पढ़ाई से बच्चों का ध्यान भटकाता है. दसवीं और इंटरमीडिएट के छात्रों में विचलित करने वाली मानसिकता होती है इसलिए माता-पिता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है.
  • किताबें पढ़ने के लिए बच्चों के साथ बैठना एक युक्ति है. जब बच्चे अपने माता-पिता को किताबें पढ़ते हुए देखते हैं तो बच्चे पढ़ाई के लिए प्रेरित महसूस करते हैं.

 

परीक्षाओं का डर बच्चों में चिंता पैदा करता है. परीक्षा नजदीक आने पर यह प्रवृत्ति और बिगड़ जाती है. मुस्कुराहट तनाव और चिंता को भगाने का सबसे अच्छा उपाय है. जब किसी के होठों पर मुस्कान होती है तो मस्तिष्क में खुशी का हार्मोन सेरोटोनिन जारी होता है. इसलिए तैयारी के दौरान और उसके बाद भी बच्चों को मुस्कुराते रहने के लिए प्रोत्साहित करें.

माता-पिता को अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहिए. उन्हें इस बात की जांच करनी चाहिए कि बच्चे किस तरह से अपनी पढ़ाई आगे बढ़ा रहे हैं. माता-पिता को उनके करीब जाकर बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करना चाहिए. स्नेह स्पर्श का हमेशा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.