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पथरा गई पिता की आंखें, पूछते हैं बूढ़ी मां के आंसू- पुलिस ने मेरे लाल को क्यों दी ‘कीलें’ ठोंक कर मौत ?

Janman TV 2019-03-12 12:25:48


ये तस्वीर गुफरान के माता-पिता की है. वो गुफरान जिसका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. वो ही गुफरान जिसे बिहार की मुजफ्फरपुर की बर्बर पुलिस ने 6 मार्च को रामडीहा गांव से तस्लीम नाम के एक और युवक के साथ गिरफ्तार किया और पुलिस कस्टडी में ही 7 मार्च को दोनों की मौत हो गई.


इस वारदात में पुलिस द्वारा टॉर्चर करने के जो वीडियो और तस्वीरें सामने आईँ, उसने पूरी व्यवस्था के घिनौने चेहरे को उजागर कर दिया है. आरोपियों को टॉर्चर करने के लिए उनके शरीर में लोहे की कीलें ठोकी गईं थीं. फिर भी पुलिस वालों ने मामले को रफा-दफा करने की भरपूर कोशिश की. लेकिन परिवार के लोगों ने इन तस्वीरों और वीडियो को पुलिस के सीनियर अधिकारियों और दूसरे लोगों के साथ शेयर कर दिया.

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में गुफरान के पिता मुनव्वर अली ने कहा कि- “हमलोग सो रहे थे तभी स्थानीय चकिया पुलिस स्टेशन की एक जीप हमारे घर पर पहुंची. इसमें 5 पुलिस वाले थे. उन्होंने गुफरान के बारे में सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि वह एक केस को लेकर गुफरान से बात करना चाहते हैं. इससे पहले कि हम अपनी बात कह पाते वे गुफरान को ले गए. गुफरान के बाद उन्होंने गांव के ही तसलीम अंसारी को भी उठा लिया.”

इसके बाद गुफरान के पिता मुनव्वर अली अपने भाई और गांव के दूसरे लोगों के साथ चकिया पुलिस स्टेशन पहुंचे. लेकिन वहां न गुफरान था और न ही तस्लीम. गांव के लोग वापस लौट गए. इसके बाद इन लोगों को पता चला कि दोनों को पुलिस ने डुमरा पुलिस स्टेशन में रखा है. काफी वाद-विवाद के बाद गुफरान के चाचा सनवर अली को गुफरान से मिलने की इजाजत दी गई. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने गुफरान की जो हालत देखी वह दहला देने वाली थी. उसके शरीर की हड्डियां तोड़ दी गई थीं. वह बोल भी नहीं पा रहा था.

6 मार्च को शाम 5 बजे गुफरान और तसलीम के परिवार के लोग फिर से डुमरा पुलिस स्टेशन पहुंचे. वहां उन्हें सिर्फ दो महिला कॉन्सटेबल दिखी. लोगों ने उनसे गुफरान और तस्लीम के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि उनकी मौत हो गई है और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है. उस दिन परिवार के लोगों को उन्हें देखने भी नहीं दिया गया. फिर 7 मार्च को जब दोनों की बॉडी परिवारों को सौंपी गई, तो सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई. बॉडी को दफनाने से पहले लोगों ने देखा कि उनके शरीर में कीलें ठोकी गई थीं.

गांव में घटना को लेकर भारी गुस्सा है और परिवार को 50 लाख मुआवजा और गुफरान की पत्नी को नौकरी देने की मांग की है. बता दें कि जिस रामडीहा गांव में ये घटना हुई है वह गांव मोतीहारी लोकसभा सीट के तहत आता है और यहां से केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह सांसद हैं.