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अंतिम चरण में अपनी 40 सीटों को बचाने के लिए राजग लगा रहा एड़ी चोटी का जोर

Hindi Dailykiran 2019-05-14 08:42:06

भाजपा के लोग मान रहे हैं कि पिछली बार के मुकाबले अबकी अधिक सीटें आयेंगी, क्योंकि मोदी हैं तो सब मुमकिन है  

नई दिल्ली, 13 मई (एजेंसी). लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में 8 राज्यों की 59 लोक सभा सीटों पर 19 मई को मतदान होगा. इनमें से भाजपानीत राजग ने 2014 में (तब जदयू राजग में नहीं था, अब है, उसको लेकर) 40 सीटें जीती थीं. इस लोकसभा चुनाव में भाजपा व उसके सहयोगी दलों को ये 40 सीटें बचाना मुश्किल हो गया है. इसका पहला प्रमुख कारण यह है कि 2014 में केन्द्र की यूपीए सरकार के 10 वर्ष के शासन के विरोध में माहौल था. दूसरा, तब कई राज्यों में गैर भाजपा दल गठबंधन करके नहीं लड़े थे. इस बार उ.प्र., बिहार व झारखंड में गठबंधन करके लड़ रहे हैं.

अंतिम चरण में से उ.प्र. की 13 लोक सभा सीटों में से 13 पर राजग, बिहार की 8 में से 8 पर राजग,  चंडीगढ़ की एक पर राजग, प.बंगाल की 9 में से 9 पर तृणमूल कांग्रेस, पंजाब की 13 में से 5 पर राजग, 4 पर कांग्रेस, 4 पर आप, हिप्र की 4 में से 4 पर राजग, म.प्र. की 8 में 8 पर राजग, झारखंड की 3 में से एक पर राजग, 2 पर झामुमो जीते थे.

उ.प्र. में अबकी सपा – बसपा – रालोद  गठबंधन करके चुनाव लड़ रहा है. यहां जिन 13 लोकसभा सीटों पर मतदान होने हैं वे सभी पूर्वी उ.प्र. में हैं. इन पर 2014 में सपा व बसपा के उम्मीदवारों को अलग – अलग लड़ने के कारण जो वोट मिले थे, उसे जोड़ने पर जो स्थिति बन रही है, उसे देखते हुए तो इन 13 में से लगभग 10 सीटों पर भाजपा को जीतना मुश्किल लग रहा है. क्योंकि सपा व बसपा के एकजुट वोट इनसे अधिक हो रहे हैं. दोनों दलों के एकजुट  होकर लड़ने से इनके एकजुट वोट कुछ बढ़ भी जायेंगे.

इस बारे में बीएचयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व एआईसीसी सदस्य अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि सपा – सपा गठबंधन के कारण इन 13 में से कई लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशी की जमानत भी जब्त हो सकती है. इसमें से कुछेक जो केन्द्र मेंमंत्री हैं, उनकी भी जमानत जब्त हो सकती है. इसीलिए तो भाजपा भयभीत है.

बिहार में स्थिति उ.प्र. वाली तो नहीं है लेकिन वहां भी कांग्रेस, राजद व अन्य दलों का गठबंधन राजग को नुकसान पहुंचा रहा है. कांग्रेस महासचिव शक्तिसिंह गोहिल का कहना है कि इस लोकसभा चुनाव में बिहार में कांग्रेसनीत गठबंधन अच्छा कर रहा है. राजद के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि यदि गठबंधन ठीक से हुआ होता, प्रत्याशी ठीक से दिये गये होते और लालू जी के दोनों लड़कों में किचकिच नहीं होती तो 19 मई को जिन 8 सीटों पर चुनाव होने वाला है, उसमें से लगभग 4 सीटें गठबंधन जीत सकता था. आपसी खींचतान के कारण उतना तो नहीं, फिर भी तीन सीटें निकाल सकता है.

झारखंड में स्थिति उ.प्र. की तरह अच्छी है. झामुमो के नेता हेमंत सोरेन का मानना है कि इस बार झारखंड में झामुमोनीत गठबंधन राजग को आधा कर देगा. यहां जिन 3 सीटों पर चुनाव है उन पर ही राजग हारेगा. इनमें 2 तो पहले से ही झामुमो के पास हैं.

प.बंगाल में ममता को हराना आसान नहीं है. तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन का कहना है कि भाजपा जो सोच रही है, उसमें सफल नहीं हो पायेगी. म.प्र. के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश मेहरोत्रा का कहना है कि राज्य में जिन 8 सीटों पर 19 मई  को चुनाव हैं, उसमें से 3 सीटें कांग्रेस निकाल सकती है.

पूर्व सांसद हरिकेश बहादुर का कहना है कि पंजाब में कांग्रेस की सीटें 4 से बढ़कर 6 हो सकती हैं. हिमाचल प्रदेश में भी एक सीट मिल सकती है. इस तरह जिन 8 राज्यों में लोकसभा चुनाव हो रहे हैं, उनमें से ज्यादातर में राजग की सीटें कम होने की संभावना है. भाजपा सांसद लाल सिंह बड़ोदिया का कहना है, “आप लोग बैठकर आंकड़ा जोड़ते – घटाते रहिये. आप लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई को नहीं जानते हैं. वह बहुत ही प्रतापी और सक्षम नेता हैं. देखिएगा सीटें 2014 से भी ज्यादा आयेंगी, क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है.