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साड़ी की ऑनलाइन शॉपिंग करना महिला को पड़ा महगा

Patrika 2019-05-14 20:36:16

सीधी। फेसबुक में प्रचार देखकर साड़ी का ऑनलाइन आर्डर करना एक महिला को महगा पड़ गया। एक तो साड़ी की जगह कटे-फटे कपड़े भेज दिए गए, और इसकी शिकायत संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर में करने पर कंपनी के नुमाइंदो द्वारा महिला का बैंक एकाउंट संबंधी डिटेल व रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लेकर धोखाधड़ी करते हुए खाते से 8100 रूपए पार कर दिए गए। पूरे मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस द्वारा धोखाधड़ी करने वालों के विरूद्ध भादवि की धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना शुरू कर दी गई है।
नगर निरीक्षक सिटी कोतवाली सीधी को दिए गए शिकायती आवेदन में शहर के पंडित दीनदयाल नगर निवासी लक्ष्मी पति सोनू प्रजापति ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायालय सीधी में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत हूं, मेरे द्वारा फेसबुक का प्रयोग करते समय लाइमलाइन एडवर्टाइजमेंट से 970 रूपए के कपड़ो की खरीदी की गई थी, जिसका ऑनलाइन पेमेंट यूपीआई ट्रांजक्शन आईडी 912515570996 से किया गया था। आर्डर पर मुझे 11 मई को बंद पैकेट प्राप्त हुआ, जिसमें कटे हुए कपड़े प्राप्त हुए। इस मामले की शिकायत मेरे द्वारा भारत सरकार की कस्टमर हेल्पलाइन में की गई। इसके साथ ही मेरे द्वारा लाइमलाइन के हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया गया, जिसमें संपर्ककर्ता द्वारा तुरंत 970 रूपए वापस करने को कहा गया, और रूपए वापस करने के लिए मेरा आईसीआईसीआई बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर मांगा गया, रूपए वापस हों इसलिए मैने अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दे दिया। उक्त संपर्ककर्ता द्वारा मोबाइल नंबर 916289654041 से मेरे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भेजा गया, जिसे मेरे रजिस्टर्ड नंबर से उसके मोबाइल नंबर 9717465555 पर फारवर्ड करने को कहा गया, तब मैंने अपने मोबाइल नंबर से उसके मोबाइल नंबर पर उक्त संदेश को फारवर्ड कर दिया। इसके बाद उसने मुझसे पिन नंबर मांगा, किंतु मैने उसे पिन नंबर नहीं दिया। इसके बाद मेरे मोबाइल पर दो संदेश क्रमश: आए, उक्त मैसेज आने के तुरंत बाद ही मेरे आईसीआईसीआई बैंक खाते से 8100 रूपए आहरित हो गए। इस प्रकार मेरे खाते से अनाधिकृत रूप से उक्त संपर्ककर्ता द्वारा 8100 रूपए निकाल लिए गए। इस घटना के बाद दो दिवस तक बैंक बंद रहा, 14 मई को बैंक खुलने के बाद मेरे द्वारा आवेदन देकर खाते का ट्रांजक्शन इंक्वायरी प्राप्त की गई। महिला द्वारा शिकायती आवेदन के माध्यम से धोखाधड़ी कर खाते से राशि आहरित करने वालों के विरूद्ध अपराध दर्ज कर राशि वापस दिलाए जाने की मांग की गई है। महिला की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने प्रथम दृष्ट्या धोखाधड़ी का अपराध सिद्ध पाए जाने पर मोबाइल नंबर 06291866282, 6289654041 एवं 9717465555 के धारक के विरूद्ध भादवि की धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।