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डेढ़ लाख क्यूबिक सिल्ट को हटाना था बारिश से पहले, अब चार माह देरी से होगा काम

Patrika 2019-05-15 13:19:48

कोरबा. दर्री बराज में हसदेव नदी में डेढ़ लाख सिल्ट को बारिश से पहले हटाना था। लेकिन रिपोर्ट देरी से मिलने की वजह से अब चार माह बाद काम शुरू होगा। इस काम को बारिश से पहले होना था ताकि बराज में नदी का सतह में जमे सिल्ट हटे सके और मानसून में जलभराव अधिक हो।
हसदेव दर्री बराज में पिछले कई साल से सिल्ट लगातार जमा हो रहा है। इससे कई परेशानी होनी लगी थी। दरअसल बराज में भराव क्षमता कम होने लगी है। महज ९४१ इंच ही पानी रखा जाता है इससे ऊपर होने पर गेट खोल दिया जाता है। बराज का कुल कैचमेंट एरिया ७७२३ वर्गकिलोमीटर है। इस दायरे में सिल्ट जमा हो चुका है। १४ गेट से सात लाख घन फीट प्रति सेकेंड पानी छोडऩे की क्षमता है। लेकिन अब इसके दायरे में लगातार कमी आ रही है। पानी भराव की क्षमता १५ फीसदी कम हो चुकी है। उपयोग वाले २० मिलियन घनमीटर में से ३ मिलियन घनमीटर की क्षमता कम हो चुकी है। बरॉज के कैचमेंट एरिया में जमे सिल्ट को हटाने के लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन इसमें देरी की वजह से अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। डेढ़ लाख क्यूबिक सिल्ट हटने से जलभराव का स्तर बढ़ेगा। अब इस काम को बारिश के बाद विभाग करेगा। ऐेसे मेंं इसका फायदा व्यापक स्तर पर नहीं मिलेगा। हालांकि विभाग का कहना है कि ये एक साल के लिए नहीं होता। आने वाले वर्षों में इसका फायदा मिलेगा।

डीप ड्राप पद्धति से बराज का किया गया सर्वे
विभाग ने डीप ड्राप पद्धति से बरॉज का सर्वे कराया। सर्वे रिपोर्ट पिछले महीने ही विभाग को मिली थी। सर्वे के मुताबिक बराज के कैचमेंट में लगभग डेढ़ लाख क्यूबिक सिल्ट जमा हुआ है। बराज को ५४ साल हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सिल्ट के साथ-साथ मिटट्ी व राखड़ भी बहकर जमी हुई है। इसके पहले केन्द्रीय जल आयोग ने भी अपने सर्वे में जलभराव क्षमता के कम होने की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद विभाग ने सर्वे कराया था।

एक क्यूबिक मीटर सिल्ट को हटाने २३० रुपए, तो कुल खर्च पांच करोड़ से अधिक
एक क्यूबिक मीटर सिल्ट को हटाने औसतन २३० रुपए खर्च आएगा। डेढ़ लाख क्यूबिक मीटर के हिसाब से लगभग सवा पांच करोड़ रुपए खर्च होना है। विभाग द्वारा फंड की स्वीकृति के लिए शासन को डिमांड भेजा गया है। स्वीकृति अब तक नहीं मिली है। विभाग को उम्मीद है कि आचार संहिता हटने के बाद स्वीकृति मिल जाएगी। टेंडर प्रक्रिया में मानसून गुजर जाएगा। ठंड के समय सिल्ट हटाने का काम शुरू किया जाएगा।

उद्योगों के साथ पेयजल के लिए भी आपूर्ति
१४ उद्योगों के साथ-साथ शहर में पेयजल के लिए पानी की आपूर्ति इसी बराज से होती है। इसलिए इस बराज के भराव क्षमता का बढ़ाना सबसे जरूरी है। लगातार उद्योगों की डिमांड बढ़ रही है। वहीं पेयजल के लिए भी कई नई योजना के बाद भविष्य में सप्लाई में बढऩी है। दूसरी तरफ मांग बढ़ रही है और क्षमता कम हो रही है। इस वजह से विभाग सिल्ट को हटाने के लिए तैयारी में लगा है।

वर्जन
सिल्ट की वजह से दर्री बराज में जलभराव क्षमता घट रही है। इसे लेकर सर्वे कराया गया था। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक सिल्ट हटाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद काम कराया जाएगा।
एसएन साय, कार्यपालन अभियंता, सिंचाई विभाग।