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इन उपायों से हटाये कुंडली में मंगल का दोष

Sansani News 2019-05-15 13:05:05

अच्छा व बुरा समय एक सिक्के के दो पहलू की तरह होता है। ग्रह नक्षत्रों के शुभ, अशुभ असर का इंसान की जिंदगी पर व्यापक असर पड़ता है।

लेकिन अंधकार में ही उजाले की उम्मीद छुपी होती है। कई लोगों की कुंडली में मंगल गुनाह होता है जिससे उनके शादी में बहुत ज्यादा अडचनें आती हैं। अगर जन्मपत्री में पहले, चौथे, सातवें, आठवें व दसवें भाग में मंगल ग्रह द्रष्टिगोचर होता है जिस वजह से जातक को मंगल गुनाह लगता है।

ग्रहों के शुभ अशुभ असर व तरीका पर लिखी गई ‘लाल किताब’ में दो तरह के मंगलदोष बताए गए हैं। एक है अच्छा मंगलदोष व दूसरा बुरा मंगलदोष। मंगलदोष को लेकर मान्यता है कि 28 वर्ष की आयु के बाद जातक की कुंडली से मंगल गुनाह का असर अपने आप ही समाप्त हो जाता है।

ये मान्यता भी है कि अगर लड़की की कुंडली में मंगलदोष हो तो उसकी विवाह भी उसी लड़के से करनी चाहिए जिसकी जन्मपत्री में मंगल गुनाह है। लेकिन अगर लड़की की कुंडली में शनि मंगल से ज्यादा भारी है तो मंगलदोष अपने आप समाप्त हो जाता है। आइए जानते हैं लाल किताब के कुछ तरीका जिन्हें अपनाकर आप मंगल गुनाह के असर को कम कर सकते हैं।

लाल किताब के मुताबिक, मंगल गुनाह का सबसे ज्यादा प्रभाव खून व आंखों पर पड़ता है। इस गुनाह को ख़त्म करने के लिए कम से कम 43 दिनों तक आंखों में सफ़ेद सुरमा लगाएं।मंगलवार व शनिवार आंखों में सुरमा लगाना न भूलें। प्रयास करें कि पेट हमेशा साफ़ रहे ताकि खून भी साफ़ रहे। लाल किताब के अनुसार, मंगल ग्रह का जुड़ाव भाई से होता है। ऐसे में प्रयास करें कि भाई के साथ आपके संबंध अच्छा रहें व आपके बीच प्रेम बना रहे। भाई से मनमुटाव का मतलब है मंगल गुनाह से परेशान होना।

मंगल ग्रह का दक्षिण दिशा से गहरा संबंध है। इसलिए मंगल पोश को शांत करने के लिए दक्षिण दिशा में नीम का पौधारोपण करें। अगर ऐसा करने में कोई समस्या आ रही है तो आप मंगलवार के दिन नीम के पेड़ पर जल अर्पित करके इस समस्या को हल कर सकते हैं।