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जानिये कैसे महिलाओ में ब्रेस्टफीडिंग के लिये लाभकारी है हल्दी, जरुर पढ़े

Hindustan Samay 2019-05-15 15:00:36

जो महिलाएं मां बनने वाली होती हैं वह बेहद खुश होती हैं. मां जो भी खाती हैं स्तनपान के जरिए वह सब बच्चे को मिलता है. तो एक मां को हमेशा उन फूड्स के बारे में पता होना चाहिए जो उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषण मिल सके ताकि बच्चे का बेहतर विकास हो सके. हम सभी जानते हैं कि हल्दी के विभिन्न स्वास्थ्य फायदा होते हैं. प्रतिरक्षा को बढ़ाने से लेकर इंफेक्शन को अच्छा करने तक, यह हमारी हर तरह से मदद कर सकता है. फिर आहार में हल्दी का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है जो एक मां व बच्चे दोनों को सुरक्षित कर सकता है व विभिन्न स्वास्थ्य फायदा भी प्रदान करता है? हां! इसलिए, स्तनपान के दौरान हल्दी के स्वास्थ्य लाभों पर एक नज़र डालें.

ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए:
हल्दी एक लोकप्रिय जड़ी बूटी है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं. तो यह ऑस्टियोआर्थराइटिस के विकास को रोकता है. इसके अलावा, जड़ी बूटी के एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होता है जो मां के शरीर में फ्री-रेडिकल्स को बांधने में मदद करता है. इस प्रकार, शरीर की कोशिकाओं को नुकसान होने से बचाता है.

वजन कंट्रोल रखता है:
हल्दी शरीर के वजन को कम करने में मदद करता है. गर्भावस्था के बाद, महिलाएं आमतौर पर वजन को नियंत्रित करने की प्रयास करती हैं क्योंकि यह समय के साथ बढ़ जाता है. लेकिन डाइट में हल्दी शामिल करने से पित्त का प्रवाह बढ़ सकता है व स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए वजन बढ़ने व मोटापे के जोखिम को रोकता है.

इम्यूनिटी को बढ़ाता है:
हल्दी आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है. अगर कोई मां अपनी डाइट में हल्दी शामिल करती हैं, तो यह उनके बच्चे के लिए भी लाभकारी होगा. शिशु को वायरस इंफेक्शन सरलता से हो जाता है. हल्दी में उपस्थित एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल व एंटी-वायरल गुण आपके बच्चे को खांसी, सर्दी व फ्लू से दूर रखने में मदद करता है.

पाचन बेहतर करता है:
हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होता है जो पाचन को बेहतर करता है. गैस, कब्ज, दस्त जैसी समस्या से भी बचाने में मदद करता है. इसके अतिरिक्त स्तनपान के जरिए बच्चे के शरीर में जाकर उन्हें भी कई फायदा प्रदान करता है