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एक सफल ऐक्टर के तौर पर देखता हूँ, नवाब कहलाने का शौक नहीं: सैफ अली खान

Lifeberrys 2019-05-16 08:55:10

बॉलिवुड में एक सफल ऐक्टर के रूप अपनी धाक जमा चुके सैफ अली खान (Saif Ali Khan) पटौदी खानदान में पैदा हुए लेकिन उनके नाम के आगे पटौदी नहीं लगा है। सैफ अली खान मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान के बेटे हैं। मंसूर नवाब पटौदी और टाइगर पटौदी के नाम से भी जाने जाते थे। सैफ ने बताया कि उन्होंने 1971 में अपने नाम से पटौदी हटा लिया था। एक टॉक शो में सैफ ने बताया कि क्यों उनके पिता ने अपने नाम के आगे से पटौदी हटा लिया। सैफ ने बताया कि 1971 में भारत में शाही दर्जे को खत्म कर दिया गया था। उसी साल पटौदी के हाथ से भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी भी चली गई थी। सैफ ने कहा, 'उन्होंने अपना नाम बदल लिया। उनका सिग्नेचर भी बदल गया। पहले वह अपने नाम में पटौदी लगाते थे और लोग उन्हें पटौदी ही बुलाते थे। लेकिन जब भारत सरकार ने शाही दर्जा खत्म कर दिया तो उन्होंने अपने नाम से पटौदी हटाकर मंसूर अली खान कर दिया। सैफ ने आगे बताया कि एक बार उन्होंने अपने पिता से पूछा था कि उनके दो नाम क्यों हैं। इसपर उन्होंने समझाया था कि वह इस नाम के साथ पैदा हुए थे लेकिन 1971 के बाद यह खत्म हो गया। इसलिए अब उनका नाम बदल गया है। सैफ ने कहा कि वे इसी तरह बड़े हुए हैं। सैफ ने यही भी कहा कि नवाब कहलाने में उनकी कोई रुचि नहीं है बल्कि वह अपने आपको एक सफल ऐक्टर के तौर पर ही देखते हैं।


बता दें कि मंसूर अली खान की ऐक्ट्रेस शर्मिला टैगौर से शादी हुई थी और दोनों के तीन बच्चे हैं। सैफ की दो बहने हैं सोहा अली खान और सबा अली खान। सिंतबर 2011 में मंसूल अली खान का सांस की लंबी बीमारी के बाद दिल्ली में निधन हो गया था।

सैफ अली खान पर लगा 'पद्मश्री' अवॉर्ड खरीदने का आरोप, तो एक्टर ने कही यह बात...

साल 2010 में मिले 'पद्मश्री' को सैफ अली खान (Saif Ali Khan) वापिस भारत सरकार को लौटाना चाहते थे। बता दे, सैफ अली खान को 2010 में देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा गया था। अरबाज खान के चैट शो 'पिंच बाय अरबाज खान' में पहुंचे सैफ अली खान ने यह बात रखी। दरअसल, शो में सैफ एक ट्विटर यूजर के कमेंट का जवाब दे रहे थे, जिसने उन पर पद्मश्री अवॉर्ड खरीदने का आरोप लगाया था।

एक ट्विटर यूजर ने सैफ को टैग करते हुए लिखा था, "पद्मश्री खरीदने वाले, अपने बेटे का नाम तैमूर रखने वाले और एक रेस्टोरेंट में मारपीट करने वाले इस ठग को कैसे 'सेक्रेड गेम्स' में रोल मिल गया? यह मुश्किल से एक्टिंग कर पाता है।" इस ट्वीट को पढ़ने के बाद सैफ ने कहा मैं ठग नहीं हूं। 'पद्मश्री' को खरीदना संभव नहीं है। मेरे लिए यह संभव ही नहीं है कि मैं भारत सरकार को घूस दे सकूं। इसके लिए आपको वरिष्ठ लोगों से पूछना पड़ेगा। लेकिन मैं इसे स्वीकार नहीं करना चाहता था। सैफ ने पद्मश्री को लेकर कहा, "इस इंडस्ट्री मे कई सीनियर और टैलेंटेड लोग हैं, जिन्हें अब तक यह सम्मान नहीं मिला। इसलिए मैं सोचता था कि मुझे यह स्वीकार नहीं करना चाहिए। बेशक, मैं यह भी मानता हूं कि कुछ लोग इसे मुझसे भी कम डिजर्व करते हैं। मैं इसे लौटाना चाहता था। इसे स्वीकार नहीं करना चाहता था। तब मेरे पिता ने कहा- मुझे नहीं लगता कि तुम भारत सरकार को न कहने की स्थिति में हो।"

सैफ ने अपने बेटे तैमूर अली खान के नाम को लेकर भी रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि तैमूर खूबसूरत नाम है। इसका मतलब फौलाद होता है और बोलने में भी अच्छा लगता है। मैं जानता हूं कि सोचते हैं कि यह तुर्किश मंगोल आक्रमणकारी तिमूर (Timur) के नाम पर रखा गया है। लेकिन मैं कहता हूं कि यह वह नाम नहीं है। क्या आपको नहीं लगता कि एक अक्षर से शब्द बदल जाता है। क्या Luck और F**K अलग-अलग शब्द नहीं हैं।" वही रेस्त्रां में मारपीट को लेकर सैफ ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था और इसके बारे में उनके पास कोई सफाई नहीं है।