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कांग्रेस-एनपीपी के सामने यहां विरासत बचाए रखने की है चुनौती, जानिए कैसे

dailynews360 2019-05-16 10:49:00
  • मेघालय के अंतर्गत दो लोकसभा सीटें आती हैं- शिलांग लोकसभा सीट और तुरा लोकसभा सीट।



मेघालय के अंतर्गत दो लोकसभा सीटें आती हैं- शिलांग लोकसभा सीट और तुरा लोकसभा सीट। दोनों सीटों पर कांग्रेस और पीएम संगमा की नेशनल पीपल्स पार्टी के बीच मुकाबला रहता है। शिलांग सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। जबकि तुरा सीट एनपीपी के कब्जे में थी लेकिन 2018 में कोनार्ड संगमा के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया, उसके बाद से ये सीट खाली है।

 


 



 शिलांग लोकसभा सीट

 शिलांग सीट से कांग्रेस के विसेंट पाला सांसद हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित इस सीट का प्रतिनिधित्व विसेंट पाला 1998 से कर रहे हैं। 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 के चुनावों में लगातार 5 बार उन्होंने जीत हासिल की। 1984 से इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। 2014 के चुनाव में विसेंट पाला ने निर्दलीय उम्मीदवार प्रेचर्ड बी एम बसाइयामोइट को हराया था। विसेंट पाला ने 40 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। यूडीपी के उम्मीदवार पॉल लिंगदोह तीसरे नंबर पर रहे थे।  2019 के चुनाव में विसेंट पाला शिलांग सीट से एकबार फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी ने इस सीट से सानबोर शुल्लाई को उतारा है। वहीं सीपीआई से के जस्टिस खारबसंती, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी से जेमिनो मावाथो के साथ 4 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं।

 


 


 


तुरा लोकसभा सीट

 तुरा लोकसभा सीट पर 2014 में नेशनल पीपल्स पार्टी ने जीत हासिल की थी। इस सीट से पीए संगमा सांसद चुने गए थे। पीए संगमा ने कांग्रेस के प्रत्याशी डैरिल विलियम चेरान को 39 हजार 716 वोटों से पराजित किया था। 2016 में पीए संगमा का निधन हो गया। उनके निधन के बाद खाली हुई सीट से उनके बेटे कोनराड संगमा ने चुनाव जीता और सांसद बने। लेकिन 2018 में वो राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। कोनराड के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर अब जाकर चुनाव हो रहे हैं।

 


 


 


तुरा लोकसभा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। यहां से कांग्रेस ने 8 बार जीत हासिल की है। पूर्व लोकसभा स्पीकर दिवगंत पीए संगमा यहां से सबसे ज्यादा बार सांसद चुने गए हैं। कांग्रेस नेता रहे पीए संगमा ने 1999 में बने एनसीपी के संस्थापक सदस्यों में से रहे। 1999 के चुनाव में उन्होंने एनसीपी के टिकट पर ही तुरा सीट से चुनाव जीता। 2004 में इस सीट से टीएमसी को भी कामयाबी मिली। उसके बाद इस सीट पर एनसीपी और एनपीपी का ही कब्जा रहा। इस बार पीए संगमा की बेटी अगाथा संगमा एनपीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस ने यहां से डॉक्टर मुकुल संगमा को टिकट दिया है। बीजेपी की तरफ से रिकमैन गैरी मोमीन चुनाव लड़ रहे हैं।