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90% कैंसर लोगो के खराब लाइफस्टाइल के कारण होता है, व इसकी कोई वैक्सीन नहीं है

Hindustan Samay 2019-05-16 13:18:20

भ्रम: परिवार में कैंसर है तो अन्य को भी होने कि सम्भावना है.
सच: केवल पांच से दस प्रतिशत कैंसर ही आनुवांशिक होते हैं जैसे ब्रेस्ट, ओवेरियन व कोलोन कैंसर. जबकि 90 प्रतिशत कैंसर आदमी की लाइफस्टाइल के कारण होते हैं. इनमें तंबाकू, शराब व मांसाहार शामिल हैं. जिनमें आनुवांशिक कैंसर की संभावना है उन्हें समय-समय पर जाँच करवानी चाहिए. स्त्रियों को 21 वर्ष की आयुके बाद पेप्समीयर व 40 वर्ष के बाद मेमोग्राफी करवानी चाहिए. 50 साल से अधिक आयु के लोगों को सिरम पीएसए (प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन) जाँच करवानी चाहिए.


भ्रम: एक आयु के बाद नहीं होने कि सम्भावना कैंसर का इलाज.
सच: ऐसा नहीं है. कैंसर का उपचार किसी भी आयु वर्ग के आदमी में किया जा सकता है. पहले चिकित्सक अधिक आयु के लोगों का उपचार करने से बचते थे. इसकी वजह अधिक आयु व निर्बल लोगों में कीमोथैरपी का साइड इफेक्ट होना था. अब नयी टारगेटेड थैरेपी से हर आयु के मरीज के उपचार में मदद मिलती है.
भ्रम: कैंसर के मरीजों में उपचार के दौरान बालों का झडऩा महत्वपूर्ण है.
सच: पहले ये परेशानी आती थी. कैंसर के मरीजों में उपचार के दौरान बाल गिरना आम था. लेकिन नयी टारगेटेड थैरेपी से इस परेशानी से बचा जा सकता है. यह थैरेपी सीधे कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती है जिससे बाल गिरने की समस्या नहीं होती.
भ्रम: कैंसर की वजह से शरीर में असहनीय दर्द होता है.
सच: कुछ प्रकार के कैंसर जैसे ब्रेस्ट, फेफड़ें, कोलोन व जीभ आदि में पहली और दूसरी स्टेज में दर्द नहीं होता है. इसी तरह अन्य कैंसर में भी होता है, लेकिन उपचार के अभाव में यदि कैंसर एडवांस स्टेज में पहुंच जाए तो असहनीय दर्द होता है.
भ्रम: कैंसर की कोई वैक्सीन नहीं है.
सच: केवल बच्चेदानी के मुंह (सर्विक्स) व लिवर कैंसर के लिए वैक्सीन उपस्थित हैं. सर्विक्स कैंसर से बचाव के लिए स्त्रियों को एचपीवी (हृयूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन 9 से 25 साल के बीच लगवानी चाहिए. लिवर कैंसर से बचाव के लिए हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाएं. हेपेटाइटिस-बी के 5 से 10 प्रतिशत मरीजों को लिवर कैंसर की संभावना रहती है. ऐसे में इन टीकों से 85 प्रतिशत तक कैंसर से बचाव होने कि सम्भावना है.
भ्रम: कैंसर से जुड़ी जांचें कराने से फैलती है यह बीमारी.
सच: लोगों में भय है कि कैंसर की जाँच (बायोप्सी) करवाने से बीमारी शरीर में फैल जाती है. यह धारणा गलत है. बायोप्सी में कैंसर की संभावना वाले हिस्से से एक छोटा मांस का टुकड़ा लिया जाता है. इससे बीमारी फैलती नहीं है बल्कि सूक्ष्म स्तर पर इसकी जाँच करने में सरलता होती है.
भ्रम: कम या अधिक आयु में कैंसर ज्यादा खतरनाक होता है.
सच: कैंसर के फैलाव का आयु से कोई सम्बंध नहीं है. रोग की गंभीरता उसके प्रकार, स्टेज व किस स्थान पर कैंसर है उसपर निर्भर करती है. शुरुआती स्टेज में बीमारी की पहचान होने पर कम समय व खर्च में पास उपचार हो जाता है. इसके लिए महत्वपूर्ण है कि समय पर जाँच कराएं. कम आयु में अधिकांश मुद्दे ब्लड व बोन कैंसर के होते हैं जिनके लक्षण जल्द ही दिखने लगते हैं व ऐसे में उपचार के बाद रिकवरी कम समय लेती है.
भ्रम: पुरुषों को नहीं होता ब्रेस्ट कैंसर.
सच: ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना पुरुषों में भी होती है. यह एक हजार स्त्रियों की तुलना में एक पुरुष को होने कि सम्भावना है. ब्रेस्ट कैंसर स्त्रियों में तेजी से बढ़ रहा है जिसका कारण बेकार लाइफ-स्टाइल व अधिक आयु में विवाह है. यह हार्मोंस में परिवर्तन की वजह से भी होने कि सम्भावना है. स्त्रियों में पांच प्रतिशत मुद्देआनुवांशिक होते हैं.
भ्रम: बहुत ज्यादा महंगा है कैंसर का इलाज.
सच: कैंसर की शुरुआती अवस्था में उपचार कराएं तो कम खर्च आता है. कैंसर का उपचार उसके प्रकार, जगह व स्टेज पर निर्भर करता है.