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उच्च न्यायालय ने नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले में दोषी की सजा बरकरार रखी

Samachar Jagat 2019-05-16 10:52:28

मुम्बई। बंबई उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग के साथ बलात्कार और उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेलने के मामले में एक व्यक्ति की दोषसिद्धि और उसे सुनाई गई 10 वर्ष की सजा यह कहते हुए बरकरार रखी कि उसने पीड़िता की जिदगी बर्बाद कर दी।

न्यायमूर्ति साधना जाधव ने दोषी अराबली अशरफ मुल्ला (28) की अपील खारिज कर दी। पश्चिम बंगाल के निवासी मुल्ला ने उसे मार्च, 2015 में दोषी करार दिए जाने और दस साल की कैद की सजा सुनाए जाने को चुनौती दी थी।

मुल्ला को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार नवंबर, 2011 में मुल्ला ने प्रलोभन देकर 15 वर्षीय लड़की को पश्चिम बंगाल में अपने घर से जाने के लिए राजी किया और फिर उसने शादी की।

बाद में वह उसे लेकर मुम्बई के डोंगरी इलाके में पहुंचा। वह उसे एक दंपति के घर ले गया जहां उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक कुछ दिन बाद लड़की किसी तरह अपने भाई और मां को फोन कर अपनी व्यथा बताने में कामयाब हो गयी। उसकी मां और भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पीड़िता को उस दंपति के घर से मुक्त कराया गया और मुल्ला को गिरफ्तार किया गया। 

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