newsdog Facebook

Google Pixel 3A है बेहद खास, ये होगी स्पेसिफिकेशन

News Track Hindi 2019-06-12 05:16:00

अपने नियम पिक्सल फोन ने हमेशा खुद बनाए हैं, यह फोन हर बार साबित करता है कि क्यों सबसे बेहतर कैमराफोन के लिए तीन, चार या पांच लेंस की जरूरत नहीं होती और क्यों ट्रक भरकर रैम के बिना भी फोन तेजी से काम कर सकता है, क्यों मोबाइल बनाने वाली कंपनियों को स्पेक्स की रेस के बजाय एक्सपीरियंस पर फोकस करना चाहिए. गूगल का नया फोन पिक्सल 3ए आया तो यह उन लोगों की इच्छा पूरी करता है जो महंगे दाम की वजह से पिक्सल नहीं अपना पा रहे थे. कुछ स्पेक्स पर कट डाउन करके एक बढ़िया एक्सपीरियंस को मिड लेवल पर लाने की गूगल की यह कोशिश कितना कामयाब रहती है. ये तो सेल्स पर निर्भर करता है.

हमें सबसे ज्यादा पसंद पिक्सल 3ए में फोन का कैमरा आया, खासकर कम रोशनी में इससे पहले हमने पिक्सल 3 एक्सएल को भी रिव्यू किया है, पिक्चर क्वॉलिटी की विरासत को उसका यह छोटा भाई कामयाबी के साथ आगे ले जाता है. 30-40 हजार रुपये की मिड रेंज के बाकी और फोन के साथ हमने जब तुलना की तो पिक्सल 3ए उनसे काफी बेहतर नतीजे लाया, कम रोशनी में भी ज्यादा डीटेल, तस्वीर का फटना नहीं, लाइट के हिसाब से पिक्चर के शेड में नकलीपन न होना, ऐसी तमाम खूबियां आपको हैरान करेंगी. बैक कैमरा 12.2 मेगापिक्सल का है और फ्रंट कैमरा 8 मेगापिक्सल का, लेकिन पिक्सल इस्तेमाल करते हुए आप समझते हैं कि कैसे सिर्फ मेगापिक्सल या ज्यादा लेंस होना मायने नहीं रखता. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर की मदद से पिक्सल भीड़ से हटकर नजर आता है. कैमरे के साथ आपको टाइम लैप्स, प्ले ग्राउंड, स्लो मोशन और फोटो बूथ जैसे मजेदार फीचर भी मिलते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे​ कि अपने प्लेन लेकिन स्टाइलिश डिजाइन के साथ पिक्सल भीड़ से थोड़ा अलग लगता है.प्लास्टिक बैक के साथ यह हाथ से थोड़ा फिसलता है. ग्लास के दौर में कुछ लोगों को प्लास्टिक शायद पसंद न आए लेकिन यह इसे काफी हल्का फोन भी बनाता है. खुशी की बात यह भी है कि पिक्सल 3ए में आपको हेडफोन जैक भी मिलेगा.स्नैपड्रैगन 670 प्रोसेसर पर यह 4जीबी रैम के साथ अच्छा परफॉर्म करता है, हालांकि वनप्लस 6टी और पोको में आपको क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर मिल रहे हैं, लेकिन जब आप फोन इस्तेमाल करते हैं तो स्पेक्स सिर्फ एक नंबर होता है. एक आम हेवी यूजर के नाते हमें इस डिवाइस में कोई दिक्कत नहीं आई. 3ए में बैटरी 3000 mAh है जिसका बैटरी मैनेजमेंट अच्छा है लेकिन बैटरी कैपिसिटी थोड़ा और ज्यादा होती तो बेहतर रहता. इस फोन में 5.6 इंच का फुलएचडी प्लस डिस्प्ल है, 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज है. स्टोरेज ज्यादा होती तो अच्छा था, गूगल फोटो में आपको हाई क्वॉलिटी इमेज स्टोर करने पर अनलिमिटेड जगह मिलती है. एंड्रॉयड 9.0 पर ऑपरेट करने वाला यह फोन आपको सबसे पहले अपडेट देगा, इसकी गारंटी है. गूगल का यह फोन उन लोगों के फिट है जो कम दाम में पिक्सल एक्सपीरियंस चाहते हैं, 39,999 रुपये के इस फोन को गूगल सस्ते फोन के तौर पर नहीं बल्कि अफोर्डेबल फ्लैगशिप की तरह लाई है.

अपने नियम पिक्सल फोन ने हमेशा खुद बनाए हैं, यह फोन हर बार साबित करता है कि क्यों सबसे बेहतर कैमराफोन के लिए तीन, चार या पांच लेंस की जरूरत नहीं होती और क्यों ट्रक भरकर रैम के बिना भी फोन तेजी से काम कर सकता है, क्यों मोबाइल बनाने वाली कंपनियों को स्पेक्स की रेस के बजाय एक्सपीरियंस पर फोकस करना चाहिए. गूगल का नया फोन पिक्सल 3ए आया तो यह उन लोगों की इच्छा पूरी करता है जो महंगे दाम की वजह से पिक्सल नहीं अपना पा रहे थे. कुछ स्पेक्स पर कट डाउन करके एक बढ़िया एक्सपीरियंस को मिड लेवल पर लाने की गूगल की यह कोशिश कितना कामयाब रहती है. ये तो सेल्स पर निर्भर करता है.


हमें सबसे ज्यादा पसंद पिक्सल 3ए में फोन का कैमरा आया, खासकर कम रोशनी में इससे पहले हमने पिक्सल 3 एक्सएल को भी रिव्यू किया है, पिक्चर क्वॉलिटी की विरासत को उसका यह छोटा भाई कामयाबी के साथ आगे ले जाता है. 30-40 हजार रुपये की मिड रेंज के बाकी और फोन के साथ हमने जब तुलना की तो पिक्सल 3ए उनसे काफी बेहतर नतीजे लाया, कम रोशनी में भी ज्यादा डीटेल, तस्वीर का फटना नहीं, लाइट के हिसाब से पिक्चर के शेड में नकलीपन न होना, ऐसी तमाम खूबियां आपको हैरान करेंगी. बैक कैमरा 12.2 मेगापिक्सल का है और फ्रंट कैमरा 8 मेगापिक्सल का, लेकिन पिक्सल इस्तेमाल करते हुए आप समझते हैं कि कैसे सिर्फ मेगापिक्सल या ज्यादा लेंस होना मायने नहीं रखता. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर की मदद से पिक्सल भीड़ से हटकर नजर आता है. कैमरे के साथ आपको टाइम लैप्स, प्ले ग्राउंड, स्लो मोशन और फोटो बूथ जैसे मजेदार फीचर भी मिलते हैं.


आपकी जानकारी के लिए बता दे​ कि अपने प्लेन लेकिन स्टाइलिश डिजाइन के साथ पिक्सल भीड़ से थोड़ा अलग लगता है.प्लास्टिक बैक के साथ यह हाथ से थोड़ा फिसलता है. ग्लास के दौर में कुछ लोगों को प्लास्टिक शायद पसंद न आए लेकिन यह इसे काफी हल्का फोन भी बनाता है. खुशी की बात यह भी है कि पिक्सल 3ए में आपको हेडफोन जैक भी मिलेगा.स्नैपड्रैगन 670 प्रोसेसर पर यह 4जीबी रैम के साथ अच्छा परफॉर्म करता है, हालांकि वनप्लस 6टी और पोको में आपको क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर मिल रहे हैं, लेकिन जब आप फोन इस्तेमाल करते हैं तो स्पेक्स सिर्फ एक नंबर होता है. एक आम हेवी यूजर के नाते हमें इस डिवाइस में कोई दिक्कत नहीं आई. 3ए में बैटरी 3000 mAh है जिसका बैटरी मैनेजमेंट अच्छा है लेकिन बैटरी कैपिसिटी थोड़ा और ज्यादा होती तो बेहतर रहता. इस फोन में 5.6 इंच का फुलएचडी प्लस डिस्प्ल है, 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज है. स्टोरेज ज्यादा होती तो अच्छा था, गूगल फोटो में आपको हाई क्वॉलिटी इमेज स्टोर करने पर अनलिमिटेड जगह मिलती है. एंड्रॉयड 9.0 पर ऑपरेट करने वाला यह फोन आपको सबसे पहले अपडेट देगा, इसकी गारंटी है. गूगल का यह फोन उन लोगों के फिट है जो कम दाम में पिक्सल एक्सपीरियंस चाहते हैं, 39,999 रुपये के इस फोन को गूगल सस्ते फोन के तौर पर नहीं बल्कि अफोर्डेबल फ्लैगशिप की तरह लाई है.