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अगर आप चाहते हैं बच्चो को न पड़े स्मार्टफोन की लत तो करें ये काम

Tarun Mitra 2019-07-10 08:34:49

आजकल के बच्चे स्मार्टफोन के जैसे ही स्मार्ट हैं। अगर उनके स्मार्टफोन के इस्तेमाल को नियंत्रण में रखना है तो आपको भी उनके जैसा ही स्मार्ट बनना होगा। कैसे? बता रही हैं मोनिका अग्रवाल

हाइटेक होते जमाने में बच्चों को स्मार्टफोन से दूर रखना मुश्किल होता जा रहा है। आजकल बच्चे बोलना बाद में सीखते हैं और स्मार्टफोन चलाना पहले। कई शोधों में पाया गया है कि पहले की अपेक्षा आजकल के बच्चों की डिजिटल समझ जल्दी और तेजी से विकसित होती है। बच्चे स्मार्टफोन, टैबलेट्स या लैपटॉप पर आखिर इतनी देर तक क्या करते रहते हैं, यह बात हर माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब वे चाहकर भी बच्चे को नियंत्रित नहीं कर पाते। अगर आप भी इसी समस्या से जूझ रही हैं तो कुछ एप की मदद से बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित कर सकती हैं। कौन-कौन-से हैं ये एप, आइए जानें:

पेरेंटल कंट्रोल बोर्ड :  इस श्रेणी के कई एप प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। इस एप से आप जान सकती हैं कि आपका बच्चा स्मार्टफोन या आइपैड से किसे कॉल कर रहा है? किससे कितनी देर बात कर रहा है या क्या मैसेज भेज रहा है? साथ ही यह भी पता चलता है कि विभिन्न सोशल साइट पर वह कब ऑनलाइन है?  यही नहीं, आप जिन लोगों से अपने बच्चे को दूर रखना चाहती हैं, उन लोगों के फोन नंबर और ईमेल एड्रेस को भी इस एप के माध्यम से ब्लॉक कर सकती हैं। बच्चे को उन सबसे कॉल करने, मैसेज भेजने और सोशल मीडिया अकाउंट पर जुड़ने की अनुमति नहीं होगी।

फैमिली लिंक : चाहे आपका बच्चा छोटा हो या किशोर, इस एप्लिकेशन से आप उनके लिए कुछ बुनियादी डिजिटल नियम तय कर सकती हैं। इसमें साप्ताहिक और मासिक रिपोर्ट शामिल है। इस एप के माध्यम से आप यह तय कर सकती हैं कि एक सप्ताह या माह में बच्चा कितने घंटे इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकता है। वह समय सीमा पूरी होते ही इंटरनेट ब्लॉक हो जाएगा। साथ ही इस एप की मदद से स्मार्टफोन के लोकेशन के आधार पर आप यह भी जान पाएंगी कि बच्चा उस वक्त कहां था।

किड्स जोन : इस एप्लिकेशन से आप बच्चे के स्मार्टफोन के उपयोग करने की टाइम लिमिट सेट कर सकती हैं। यही नहीं, स्मार्टफोन रिबूट होने के बाद रिलॉक होना या फोन कॉल के साथ ही टेक्स्ट मैसेज का ब्लॉक कर पाना इसके कुछ खास फीचर्स हैं। बच्चा यदि जरूरत से ज्यादा इंटरनेट का उपयोग करता है तो इस एप्लिकेशन से उसको भी ब्लॉक किया जा सकता है।

यू-ट्यूब किड्स : कोई बच्चा यदि सेक्स या पॉर्न कंटेंट सर्च भी करता है तो यह एप उसे कुछ भी सर्च करने नहीं देगा व बच्चे को कुछ और सर्च करने को कहेगा। आप इस एप के माध्यम से बच्चे के इंटरनेट इस्तेमाल करने का टाइम भी आसानी से निर्धारित कर सकती हैं।

क्यूस्टोडियो पेरेंटल कंट्रोल : यह दुनिया का सबसे मजबूत और आसान पेरेंटल कंट्रोल हैं। इसमें फ्री वेब फिल्टरिंग और बच्चों केलिए इंटरनेट इस्तेमाल की टाइम लिमिट तय करने की सुविधा है। इसके साथ ही आप पोर्नोग्राफी, जुआ, अनुचित साइट्स, कॉल, टेक्स्ट मैसेज और किसी विशेष फोन नंबर को इस एप के माध्यम से बच्चे के स्मार्टफोन में ब्लॉक कर सकती हैं। यही नहीं, आप कहीं से भी इसके वेब पोर्टल पर अपने बच्चे की सारी एक्टिविटी पर नजर रख सकती  हैं। अगर बच्चा कोई ऐसी सामग्री देख रहा है, जो उसके उम्र के अनुरूप नहीं है, तो यह एप आपको इसकी सूचना भी देगा।

सेफ ब्राउजिंग पेरेंटल कंट्रोल  : इस डिजिटल युग में सिर्फ पेरेंटल कंट्रोल काफी नहीं हैं। अगर आपके स्मार्टफोन में सेफ ब्राउजिंग फीचर नहीं है, तो आपको इस एप का जरूर इस्तेमाल करना चाहिए। इस एप की मदद से बच्चा इंटरनेट पर सिर्फ वही सामग्री देख पाएगा, जो उसके उम्र के अनुकूल है। प्ले स्टोर पर इसके अलावा भी कुछ एप हैं, जिनके माध्यम से आप बच्चे के इंटरनेट इस्तेमाल पर अपने नियम लागू कर सकती हैं।

ऐसे करें इस्तेमाल :  इस तरह की एप्लिकेशन को इस्तेमाल करने के लिए इन्हें स्मार्टफोन में प्लेस्टोर से डाउनलोड करें और जीमेल से अकाउंट में साइन-इन करें। बच्चे का भी एक जीमेल अकाउंट बनाएं। अपने फोन में जेनरेट किया गया कोड बच्चे के फोन में भी डालें। एक बार दोनों फोन जुड़ गए तो आप तय कर सकती हैं कि बच्चा कितनी देर स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर सकता है। पेरेंटल कंट्रोल के लिए एप चुनने से पहले उसे एक बार ट्राई करके जरूर देखें ताकि फीचर्स की जानकारी हो जाए। इससे आपको यह भी मालूम हो जाएगा कि वो एप वाकई उपयोगी है या नहीं।

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