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कन्यादान योजना में अपनी ही शादी में दुल्हा-दुल्हन ने उठाई जूठी पत्तल

Patrika 2019-07-11 19:41:27

बैतूल. गरीब दूल्हा-दुल्हन की बुधवार को स्टेडियम में हुई सरकारी शादी में अजीब नजारा देखने को मिला है। भेाजन करने के बाद दूल्हा और दुल्हन अपनी पतराली उठाते नजर आए। पतराली उठाते हुए दूल्हा और दुल्हन असहज महसूस कर रहे थे,लेकिन उठाना भी उनकी मजबूरी थी। इसके लिए जनपद द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। शादी में भोजन की व्यवस्था में लगे जनपद कर्मचारियों ने दूल्हा और दुल्हन को पतराली उठाने से रोका भी नहीं। पतराली उठाने पर दूल्हा और दुल्हन खुद की शादी में बेइज्जती महसूस कर रहे थे। इतना ही नहीं भोजन के लिए बाराती परेशान होते रहे।

 

वर-बधु में सिर्फ 5-5 लोगो को भोजन
वर और वधू के लिए सिर्फ पांच-पंाच लोगों की ही भोजन की व्यवस्था थी। एक जोड़े के साथ अधिक लोगों को पहुंचने पर उन्हें भूखे ही वापस कर दिया। शादी के दौरान ही एक दुल्हन भी बेहोश हो गई। जिसका मौके पर उपस्थित डॉक्टरों ने इलाज किया। वहीं शादी में दुल्हनों को मंगलसूत्र भी नहीं दिए गए है।

 


यहां हुए विवाह
शहर के लालबहादुर शास्त्री स्टेडियम में बुधवार बैतूल जनपद और बैतूल नगर पालिका के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंंत्री कन्यादान योजना के तहत विवाह सामूहिक हुआ। सुबह ही शादी के लिए दूल्हा और दुल्हन सहित उनके रिश्तेदार यहां पर पहुंच गए थे। सामूहिक विवाह में बैतूल जनपद, बैतूल नगर पालिका और नगर पालिका परिषद बैतूलबाजार के लगभग १७६ जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ। जिसमें एक निकाह भी शामिल है।

 

जनप्रतिनिधि अधिकारी कार्यक्रम में नही हुए शामिल
अचलपुर नाका निवासी अफरीन अंजूम का निकाह भैंसदेही के अयान के साथ मौलवी अब्दुल हफीज ने करवाया। आदिवासियों के विवाह के लिए भगत-भूमका के इंतजाम किए गए थे। वहीं हिंदू वर-वधुओं का गायत्री परिवार द्वारा विवाह कराया गया। अतिथि के रुप में पूर्व विधायक विनोद डागा ही नजर आए। इसके अलावा कोई भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।

 

51 हजार के प्राबधान में भी नही मिली भोजन की सुविधा
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत शासन से ५१ हजार रुपए का प्रावधान किया है। जिसमें ४८ हजार रुपए की राशि वधू को दी जाती है और तीन हजार रुपए शादी के खर्च के लिए जनपद को दिया जाता है। बताया जाता है कि तीन हजार मेंं भोजन, टेंट और पंडित की व्यवस्था शामिल है। इसके के बाद भी वर-वधू को भोजन के लिए परेशान होना पड़ा।

 

भोजन के लिए दूल्हा और दुल्हन भी लाइन में
भोजन के लिए दूल्हा और दुल्हन भी लाइन में लगे में रहे। उन्हें भी कूपन के आधार पर ही भोजन के लिए प्रवेश दिया। भोजन के लिए प्रवेश में भी लोगों की लंबी लाइन लगी रही। इसी में लाइन में लगकर दूल्हा और दुल्हन परेशान होते हैं। दूल्हे और दुल्हन के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। दूल्हे का कहना था कि यहां शादी में बुलाकर हमारी बेइज्जती की जा रही है। एक तो हमें ही लाइन में लगना पड़ रहा है। दूसरा दोनों पक्ष से सिर्फ दस लोगों को खाना दे रहे थे जिससे हमारे कई रिश्तेदार बिना भोजन के ही वापस जा रहे हैं।

 

जनपद कर्मचारी और बारातियों में हुई बहस
भोजन को लेकर जनपद कर्मचारियों और बारातियों में बहस होते रही। कर्मचारियों द्वारा पहले ही दूल्हा और दूल्हन पक्ष के लोगों को पांच-पांच कूपन बांट दिए गए थे। इन कूपन के आधार पर ही भोजन क दिया गया। दूल्हा और दुल्हन के साथ दस लोगों से अधिक को प्रवेश नहीं दिया । इसके बाद बारातियों को रोक दिया गया। जिससे दूल्हा और कर्मचारियों के बीच विवाद भी हुआ। दूल्हे का कहना था कि बाकी लोगों को कहां भोजन कराएंगे। वहीं जनपद के कर्मचारी अपने अधिकारी के आदेश की तामीली में लगे रहे। भोजन व्यवस्था बिगडऩे पर कर्मचारियों ने शादी में कई बारातियों को वापस कर दिया।

 

बैनर में नजर आए नपा उपाध्यक्ष
बैतूल नगरपालिका के उपाध्यक्ष आनंद प्रजापति का नाम शादी के आमंत्रण पत्र मेंं नहीं होने पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। प्रजापति ने इसकी शिकायत कलेक्टर, मुख्य सचिव से की थी। उपाध्यक्ष और नपा ा के पार्षदों ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत होने वाली शादी कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। उपाध्यक्ष और पार्षदों के विरोध के बाद नपा उपाध्यक्ष आनंद प्रजापति कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर,पोस्टर में नजर आएं।

 

शादी पर खर्च के लिए सिर्फ तीन हजार रुपए फिक्स किए हैं। जिसमें टेंट, भोजन से लेकर अन्य व्यवस्था करना है। जिससे हमने ने वर-वधू दोनों की ओर से दस लोगों के भोजन की व्यवस्था की है। कुछ लोग बड़े तो उन्हें भी भोजन कराया है। पतराली उठाने के लिए हमने नहीं कहा था। किसी ने उठा ली होगी।
आरकेएस चौहान, सीईओ, बैतूल

 

सरकारी शादी में अधिकारी व कर्मचारी मेजबान होते हैं। दूल्हा-दुल्हन और बाराती के सम्मान की जिम्मेदारी इन्हीं पर होती है। दूल्हा और दुल्हन का पतराली उठाना और भोजन के लिए लाइन में लगाना निंदनीय है।
हेमंत खंडेलवाल, पूर्व विधायक