newsdog Facebook

'अमित शाह' से मिलेंगे गोवा कांग्रेस के ये ख़ास व्यक्ति

News Track Hindi 2019-07-11 06:56:00

अब गोवा में भी कांग्रेस का राजनीतिक समीकरण कर्नाटक में जारी सियासि घमासान के बाद  बिगड़ गया है. गोवा कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं. आज ये सभी 10 विधायक दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष डेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे. अमित शाह से मुलाकात से पहले गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भाजपा में शामिल 2 विधायकों के साथ संसद भवन पहुंचे हैं.

अपने बयान में भाजपा मे शामिल गोवा कांग्रेस के विधायक इसिदोर फर्नांडिस ने कहा कि हम विकास का हिस्सा बनना चाहते थे. उन्होंने कहा कि भाजपा एक समावेशी पार्टी है और कांग्रेस एक विभाजित जहां हर कोई अपने बारे में ही सोचता है. बुधवार शाम करीब 7.30 बजे गोवा विधानसभा में नेता विरोधीदल चंद्रकांत बाबू कावलेकर के नेतृत्व में 10 विधायकों का समूह राजेश पाटनेकर के पास पहुंचा और उन्हें कांग्रेस से पृथक एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की. इस अवसर पर वहां मुख्यमंत्री डॉ.प्रमोद सावंत एवं विधानसभा के उपसभापति माइकल लोबो भी उपस्थित थे. इस तरह 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा की सदस्य संख्या 27 हो गई है. गोवा विधानसभा में यह भाजपा की अब तक की सबसे अधिक संख्या है. कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों की संख्या दो तिहाई होने की वजह से इनपर दल-बदल कानून भी लागू नहीं हो सकता.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र में लोगों के बीच जाना है। लेकिन विकास नहीं हो पा रहा है. कांग्रेस विधानसभा चुनाव में ही सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी. लेकिन उस समय और उसके बाद भी अवसर मिलने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्य में सरकार बनाने में कामयाब नहीं हो सके. इसलिए कांग्रेस के 10 विधायकों ने अलग गुट बनाकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय किया है.

मुर्गे से परेशान हुए लोग, बेजुबान के खिलाफ दर्ज कराया केस
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जिन 10 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी उनमें नेता प्रतिपक्ष चंद्रकांत केवलेकर, एटेंसियो मोंसेराटे, जेनिफर मोंसेराटे, फ्रांसिस सिल्वेइरा, फिलिप नेरी रोड्रिग्स, क्लियोफेसियो दियास, विल्फ्रेड डी सा, नीलकांत हलनकर, एंटोनियो फर्नाडीज और इसिदॉर फर्नाडीज शामिल हैं. इसके साथ ही विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर पांच रह गई है. पिछले विधानसभा चुनाव में 40 सदस्योंवाली गोवा विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी को 14 और कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं. लेकिन सबसे बड़ा दल होने के बावजूद वहां कांग्रेस सरकार बनाने में कामयाब नहीं हो सकी. विधानसभा चुनाव के कुछ दिनों बाद ही कांग्रेस के तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर के निधन से उनकी पणजी सीट भी खाली हुई थी. इन चारों सीटों पर लोकसभा चुनाव के साथ ही चुनाव हुए थे. इनमें से तीन सीटें भाजपा ने और एक सीट कांग्रेस ने जीती. इस प्रकार सदन में भाजपा की संख्या 17 और कांग्रेस की 15 हो गई थी. भाजपा सरकार को तीन निर्दलीय विधायकों एवं तीन अन्य दल के विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है. जो कि सरकार के लिए अच्छी बात है.