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कांग्रेस-जेडीएस के 10 बागी पहुंचे सुप्रीमकोर्ट

Dainik Tribune 2019-07-11 06:59:57

मुंबई में बुधवार को कर्नाटक के मंत्रियों से बात करते पुलिस अधिकारी। यह दृश्य उसी होटल के बाहर का है जहां बागी विधायक ठहरे हुए हैं। – प्रेट्र

बेंगलुरू/ नयी दिल्ली, 10 जुलाई (एजेंसी)
कर्नाटक में 14 विधायकों के इस्तीफों से संकट में घिरी कुमारस्वामी सरकार की मुश्किल बढ़ाते हुए बुधवार को कांग्रेस के 2 और विधायकों एमटीबी नागराज और के. सुधाकर ने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंप दिया। इस बीच, यह राजनीतिक संकट सुप्रीमकोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस और जेडीएस के 10 बागी विधायकों ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार पर जानबूझ कर उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सारा मकसद याचिकाकर्ताओं को अयोग्य करार देना और अल्पमत सरकार को बचाना है। विधायकों ने कहा है, ‘अल्पमत में आने के बावजूद मुख्यमंत्री सदन का विश्वास मत प्राप्त करने से इनकार कर रहे हैं। अध्यक्ष और सरकार की सांठगांठ का ही नतीजा है कि ऐसी सरकार जिसे सदन का विश्वास हासिल नहीं है, सत्ता में बनी है।’ गौर हो कि विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा था कि 14 बागी विधायकों में से 9 के इस्तीफे सही नहीं हैं। इस बीच, महाराष्ट्र भाजपा के एक नेता ने बताया कि कर्नाटक के 8 बागी विधायकों ने अध्यक्ष को दोबारा त्यागपत्र भेज दिये हैं।
संसद में फिर हंगामा
नयी दिल्ली (ट्रिन्यू) : कर्नाटक के सियासी संकट को लेकर संसद में लगातार दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। हंगामे के कारण राज्यसभा में दोपहर बाद 3 बजे तक कोई कामकाज नहीं हो पाया। लोकसभा में शून्यकाल में कांग्रेस का साथ देते हुए डीएमके, तृणमूल कांग्रेस और बसपा ने हंगामा किया। कांग्रेस सदस्यों ने शून्यकाल में लोकसभा की कार्यवाही से वाकआउट किया। राज्यसभा में कार्यवाही 3 बार स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही 3 बजे के बाद शुरू होने पर उप सभापति हरवंश ने कांग्रेस के हंगामे के बावजूद चर्चा कराई। भाजपा समेत एनडीए के सदस्य शोर-शराबे के बीच बजट पर बोलते रहे।
बागियों से मिलने पहुंचे मंत्री, हिरासत के बाद वापस भेजा
मुंबई (एजेंसी) : मुंबई के जिस आलीशान होटल में कर्नाटक के बागी विधायक ठहरे हुए हैं, उसके बाहर बुधवार को जबर्दस्त राजनीतिक ड्रामा चला। सरकार को बचाने की कवायद के तहत मुंबई पहुंचे कर्नाटक के मंत्री शिवकुमार को पुलिस ने होटल के अंदर नहीं जाने दिया। शिवकुमार की बुकिंग भी रद्द कर दी गयी। शिवकुमार इस पर अड़ गये कि विधायकों से मिले बगैर वह नहीं जाएंगे। कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा और संजय निरुपम भी वहां पहुंचे। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों, मीडियाकर्मियों और राजनीतिक समर्थकों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि होटल में ठहरे विधायकों ने मुंबई पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर कहा है कि शिवकुमार के यहां पहुंचने से उनके जीवन को खतरा है। बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया।
गोवा कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक भाजपा में
पणजी (एजेंसी) : गोवा में कांग्रेस के दो-तिहाई (15 में से 10) विधायकों के एक समूह का बुधवार को सत्तारूढ भाजपा में विलय हो गया। अब 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 27 विधायक हो गए हैं। कांग्रेस 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। अब उसके विधायकों की संख्या पांच रह गई है। नेता विपक्ष चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में विधायकों का समूह बुधवार शाम विधानसभा अध्यक्ष से मिला और उन्हें कांग्रेस से नाता तोड़ने का पत्र सौंपा। कावलेकर समेत कांग्रेस के दस विधायकों के साथ आए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ऐलान किया कि कांग्रेस विधायक दल के दो तिहाई सदस्यों के समूह का भाजपा में विलय हो गया है। दो-तिहाई संख्या दल-बदल कानून के तहत होने वाली कार्रवाई से बचाने के लिये पर्याप्त है। इन लोगों का कहना था कि विपक्ष में होने के कारण उनके निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में बाधाएं आ रही थीं।