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बंगाल विधानसभा ने पारित किया कंपनियों के कथित निजीकरण के खिलाफ प्रस्ताव

Sanjeevni Today 2019-07-11 20:21:18

पश्चिम बंगाल की 46 कंपनियों को केन्द्र सरकार द्वारा निजीकरण किए जाने की कथित योजना के खिलाफ राज्य विधानसभा में गुरुवार को प्रस्ताव पारित किया गया है।


कोलकाता। पश्चिम बंगाल की 46 कंपनियों को केन्द्र सरकार द्वारा निजीकरण किए जाने की कथित योजना के खिलाफ राज्य विधानसभा में गुरुवार को प्रस्ताव पारित किया गया है। संसदीय कार्य एवं शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने प्रस्ताव को सदन में पेश किया था। इसका समर्थन नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान, माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती, तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक निर्मल घोष, तपस राय, समीर चक्रवर्ती, नगेंद्र नाथ राय, नर्मदा चंद्र राय, नेपाल महतो, मनोज चक्रवर्ती और असित मित्रा ने किया। 

प्रस्ताव में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल की जिन 46 कंपनियों के निजीकरण की योजना केन्द्र सरकार बना रही है उसमें पश्चिम बंगाल ब्रिज एंड रूफ, बर्न स्टैंडर्ड, बंगाल केमिकल, एलाय स्टील प्लांट जैसी 10 बड़ी आमदनी वाली कंपनियां हैं जिनमें लाखों लोग काम करते हैं। अगर इसका निजीकरण हुआ तो उन कर्मचारियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। प्रस्ताव में मांग की गई है कि केन्द्र सरकार को इन कंपनियों के निजीकरण की अपनी योजना से पीछे हटना होगा। कांग्रेस विधायक असित मित्रा ने कहा कि जब केन्द्र सरकार राज्य की कंपनियों के साथ इस तरह की योजना बना रही है तो हम खामोश होकर तमाशा नहीं दे सकते। केवल विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने से नहीं होगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर संसद भवन का घेराव भी किया जाएगा।

निर्मल घोष ने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में केन्द्र पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में उद्योगों को किस तरह से बर्बाद किया जाए इसकी योजना पर केन्द्र सरकार काम कर रही है। अब राज्य की जिन 46 कंपनियों के निजीकरण की साजिश रची जा रही है उसे बचाने की जिम्मेदारी हमारी है और हम लोग पूरी ईमानदारी से काम करेंगे। 

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