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प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, ग्रामीणों ने खुद किया पुलिया निर्माण

Patrika 2019-07-12 00:01:39

सूरौठ.(हिण्डौनसिटी). अनदेखी और इंतजार की इंतहा होने के बाद आखिर एक वर्ष पहले बारिश में क्षतिग्रस्त हुई गंभीर नदी की पुलिया का दुरुस्त करने के लिए ग्रामीणों ने ही परात-फावड़े उठा लिए। एक वर्ष बाद भी शासन-प्रशासन का सकारात्मक रुख नहीं दिखने पर दो गांवों के ग्रामीण नदी पेटे में उतरे और मिट्टी का भराव कर पुलिया को फिर से संवार दिया। हिण्डौन के रीझवास व बयाना तहसील के कलसाड़ा गांव के महिला पुरुषों का का श्रमदान रंग लाया और एक वर्ष से प्रभावित हो रहा वाहनों का आवगामन सुचारू हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि रींझवास व कलसाडा के बीच गंभीर नदी पर बनी पुलिया बारिश में तेज जल प्रवाह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे दर्जनों गांवों का आवागमन बंद हो गया। कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इस पर बुधवार सुबह रींझवास व कलसाडा गांव के महिला-पुरुष फावड़ा, परात लेकर नदी पेटे में पहुंच गए और पुलिया पर मिट्टी डालने में जुड गए। रींझवास गांव के पास गम्भीर नदी की पुलिया से कलसाडा, मांगरेन, मनकानगला , बल्लभगढ़, सलेमपुर, हाथोडी, वैर, महुवा ,भुसावर सहित गावों का रास्ता है। पुलिया टूटने से वाहनों का आवागमन बंद हो गया था।

ग्रामीणों का कहना है कि कच्ची पुलिया हर वर्ष बारिश में नदी के बहाव के साथ टूट जाती है। प्रशासन ने थोड़ी बहुत मिट्टी डलवा कर इतिश्री कर लेता है। ग्रामीणों ने समस्या के स्थाई समाधान के लिए पक्की पुलिया निर्माण की मांग की है। श्रमदान के दौरान ग्रामीण सुरेश, महेश, बाबू, रामदेव ,रामेश्वर, बाबूराम, गीता, सुनीता ,अनीता सहित अनेक महिला-पुरुष मौजूद थे।