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जीवन को संवारने के सारे गुणों की प्राप्ति एकमेव भागवत से ही संभव

Patrika 2019-07-12 15:49:00

इंदौर. मर्यादा और नैतिकता का सृजन भागवत महापुराण के श्रवण से ही हो सकता है। जीवन को संवारने के सभी गुणों की प्राप्ति एकमेव भागवत से ही संभव है। जिस कर्म से संतुष्टि और पवित्रता की अनुभूति हो, वह पुण्य और जिसके करने से मन में क्रोध और घृणा के भाव पैदा हो, वह पाप कर्म होता है। भागवत के श्रवण से मनुष्य को वह विवेक मिलता है, जिसकी मदद से हम पाप और पुण्य में अंतर कर सकें।

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मनोरमागंज स्थित गीता भवन पर वृंदावन के प्रख्यात भागवताचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती ने भागवत ज्ञान यज्ञ में कपिल देवहुति संवाद की व्याख्या के दौरान उक्तविचार व्यक्त किए। गीता भवन भक्त मंडल एवं अखंड प्रणव योग वेदांत पारमार्थिक न्यास के तत्वावधान में कथा 16 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक गीता भवन सत्संग सभागृह में होगी। गुरु पूर्णिमा पर सुबह 11 बजे 1 बजे तक कथा के बाद महोत्सव भी मनाया जाएगा। व्यासपीठ पूजन अविनाश गुप्ता, बजरंग खंडेलवाल, रश्मि रामनानी, मनोज गुप्ता ने किया। गीता भवन ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष गोपालदास मित्तल एवं मंत्री राम ऐरन ने अगवानी की। गुरु पूर्णिमा पर पादुका पूजन का समय सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक रखा गया है।