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खचाखच भरे हाल में सुषमा स्वराज की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे सभी पॉलिटिक्स पार्टियों के शीर्ष नेता, रखी अपनी ये राय

HINDUSTAN VARTA 2019-08-14 15:00:36

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में भाजपा ने स्वर्गीय सुषमा स्वराज को खूब याद किया। खचाखच भरे हाल में पीएम मोदी, अमित शाह समेत सरकार के तमाम वरिष्ठ मंत्री वभाजपा के ऑफिसर व संघ के चोटी के नेता भी उपस्थित थे। इस श्रद्धांजलि सभा की खास बात ये की देश की सभी पॉलिटिक्स पार्टियों के शीर्ष नेता भी उपस्थित थे व सबने सुषमा जी पर अपनी राय भी रखी।



प्रोग्राम की आरंभ हुई प्रसिद्ध गायिका अनुराधा पौडवाल के गाए भजनों से। फिर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के बाद भजन का दौर समाप्त हुआ व प्रारम्भ हुआ एक ऐसा सिलसिला जिसमे सुषमाजी को याद करने वाले भाव विह्वल हो रहे थे। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी सबसे अंत में कहे लेकिन अपने आप को अनगिनत अनुभवों व घटनाओं का साक्षी बताया।



पीएम मोदी
चुनाव न लड़ने का निर्णय किया था उन्होंने। एक बार पहले भी किया था। मैं व वैंकेया जी जा कर मिले थे। मैं उनको समझता रहता था कि हम सब संभाल लेंगे। लेकिन इसी दबाव से बचने के लिए उन्होने सर्वजनिक घोषणा कर दी। नतीजे आये व सबसे पहला कार्य किया कि घर खाली कर व्यक्तिगत आवास पर चली गयी। आज तो लोगों को नोटिस पर नोटिस देन पड़ता। हम जब भी मिलते थे वो जै श्रीकृष्ण कहती थी व मैं जय द्वारकाधीश कहता था।

अमित शाह (BJP)
अमित शाह ने बोला कि सब कुछ इतनी जल्दी हो गया कि दिल मानने को तैयार नही। जो रिक्तता हुई उससे भरना कठिन हैं। जनता की आवाज मुखर करने में वो कभी पीछे नही रही।इतने लंबे सियासी ज़िंदगी में बिना कटुता पैदा किये निकाल देना किसी की पॉलिटिक्स के लिए सरल नही होता। उन्होंने ये भी बोला कि परमात्मा ये दुख सहन करने की सभी कार्यकर्ताओं को ताकत दें।

राजनाथ सिंह ( BJP)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें याद करते हुए बोला “शुरू में उन्हें सुषमा दी कह के बुलाता था। पहले उन्हें लगता था कि मैं सुषमाजी बोल रहा हूँ लेकिन 1994 के सांसद सत्र के दौरान जब उन्हें पता चला कि मैं दी बोल रहा हूँ तो वो। भावुक हो गईं। वह जन नेता नही जन मन की नेता थी। बिरले ही ऐसे होते है जो मन पर भी राज करते हैं सुषमाजी भी उनमें से एक हैं। ”
कृष्ण गोपाल (सह सरकार्यवाह RSS)
संघ के महान नेता कृष्ण गोपाल ने उन्हें कुछ ऐसे याद किया “ मैं उन्हें जीजी बोला करता था। कुछ दिनों पहले मुलाकात हुई थी। मैने पूछा चुनाव न लड़ने का निर्णय क्यों। उन्होंने बोलाकि जनता से सीधा जुड़ना पड़ता है। चिकित्सक ने बोला है धूल से बचूं व बीमारी भी है इसलिए चुनाव नही लड़ना है। उन्होंने मुझसे बोला कि मैं अध्यात्म की ओर जाना चाहती हूँ। एक धूम के साथ पॉलिटिक्स में आई व अब शांति से संसार से चली गईं।

दिनेश त्रिवेदी (TMC)
नारी क्या होती है उसका संसार को परिचय दिया है। उनकी यादे हमेशा साथ रहेंगी। दिनेश त्रिवेदी ने अपनी पार्टी की नेता ममता बनर्जी की ओर से भी श्रद्धांजलि दी।

पिनाकी मिश्र (BJD)
नवीन बाबू ने सुषमा के परिवार को संदेश देने को बोला है कि वो पहली बार लोक सभा में आये थे जब वो वह थी। वो मेंटर थी उनकी व ज़िंदगी में उनकी स्थान कोई नहीं भर सकता।

रामविलास पासवान (LJP)
मेरी छोटी बहन थीं। सुषमा जी का विल क्षमता बहुत मजबूत था। फिर भी वे किसी से कोई पर्सनल द्वेष नाहीं रखती थीं। अंतिम क्षण तक अपनी बात रखने का कार्य किया।

सतीश मिश्र (BSP)
ऐसी नेता व वक़्ता थी जिसकी कोई दूसरी मिसाल नहीं है। उनको यहां नहीं पाकर भी लग रहा है कि वो हमारे बीच हैं। बसपा नेता ने बोला कि वे नेल्सन मंडेला के अंतिम संस्कार में उनके साथ गए थे। तब उनके व्यवहार देखा। तब ही उन्होंने मुझसे मेरी उमर पूछी व बोला कि तुम मुझसे छोटे हो। उन्होंने मायावती जी की ओर भी सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि दी।

राजीव रंजन सिंह ललन (JDU)
जेडीयू-एक कुशल राजनेता, सच्ची समाजसेवी व एक ओजस्वी वक़्ता थी। 1977 के चुनाव में वो मुजफ्फरपुर में जॉर्ज साहेब के चुनाव का प्रचार संभाल रही थी। ललन सिंह ने बोला–“मुझे याद है जॉर्ज साहेब कारागार में थे व रात 11 बजे उनकी जन सभा हुई। क्या ओजस्वी सम्बोधन दिया था उस दिन। अपने भाषणों में उन्होंने कड़े से कड़े शब्द प्रयोग किये लेकिन किसी दुर्भावना से नही थी। ” जेडीयू नेता ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार की ओर से भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

त्रिची शिवा (DMK)
शिवा ने कहा-“ उन्होंने मुझे मिलने को बुलाया अगस्त 6 को। प्रातः काल 10,30 पर। मिली। परिवार का हाल पूछा। उस दिन जब मैं वापस चेन्नई पहुंच तो पता चला कि वो नही रही।भाजपा ने एक मजबूत नेता, एक भूमिका मॉडल खोया है। देश ने एक भूमिका मॉडल नागरिक खोया है। ”
एन नागेश्वर राव (TSR)
टीएसआर नेता नागेश्वर राव ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए बोला “14वी लोक सभा में साथ कार्य किया। उनके साथ में कश्मीर भी गया था। मैंने 370 पर अपनी स्पीच में भी सुषमाजी का जिक्र किया था। हमारे प्रदेश में सुषमाजी सबके दिल में चेनम्मा के नाम से हैं। ”

शरद यादव
ज्यादातर मुद्दों पर भाजपा की आलोचना करने वाले शरद यादव ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा- “ हम एक साथ पॉलिटिक्स में आये थे। जॉर्ज साहब के यहां मुझे पहली बार मिली थी। कोई मौका नहीं जब उनके मेरे बीच कभी कोई मतभेद उभरा हो। ”

अरविंद सावंत (Shiv Sena)
शिव सेना नेता अरविंद सावंत ने सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा “मैन जिंदगी में कभी उनको मैडम नहीं कहा। हमेशा दीदी कहेता आया। बाला साहेब की लाडली थी वो।उद्धवजी आने वाले थे। सामने वाले के मन में समर्पित होने की भावना पैदा करना उनकी ही वाणी का कमाल था। ”

अनुप्रिया पटेल ( Apna Dal)
केंद्रीय मंत्र अनुप्रिया पटेल ने बोला कि किसी के लिए भी यकीन कर पाना कठिन की वो हमारे बीच नही हैं। अपने आप में एक अद्भुत व्यक्तित्व थी। जो मानक स्थापित किये वो हम सब के लिए अनुकरणीय हैं।

आनंद शर्मा ( Congress)
कांग्रेस पार्टी नेता आनंद शर्मा ने बोला कि विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटल थी। पहली बार उनका नाम 1977 में सुना था। 1980 के दशक से मिलना हुआ। सदन में हमारी तीखी बहसे भी होती थी। लेकिन इसमें कटुता नही थी। उन्होंने बोला –“मैन उनमे अहंकार नही देखा। दूसरे को छोटा दिखाने की कभी प्रयास नही की। संवेदनशीलता दिल को छूती थी।में हमेशा उन्हें बहन कहता था व वो मुझे भी कहती थी। ”

जेपी नडडा (BJP)
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा-“ उनकी वाणी में धार थी। अपनी बातों को प्रखरता के साथ रखना ताकि पूरा विषय सामने आए ये उनकी कुशलता थी। पॉलिटिक्स व सरकार में अमिट छाप छोड़ी। ”

हालांकि, आम आदमी पार्टी के सांसद व अमर सिंह जैसे नेता उपस्थित थे लेकिन वक़्त की कमी के कारण सबको बोलने का मौका नही मिल पाया। लेकिन भाजपा के महासची अरुण सिंह ने बोला कि जो आज बोल न पाए हो वो अपनी स्पीच लिख कर पार्टी मुख्यालय भिजवा दें। भाजपा जल्दी ही सुषमा स्वराज पर एक पुस्तक का संकलन करने वाली है जिसमे श्रद्धांजलि सभा में हुए तमाम भाषनो को शामिल किया जाएगा।