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किसानों को गिरदावरी की नकल लेने में आ रहा पसीना

Patrika 2019-10-10 17:36:01

Registration for purchase of moong on MSP is to start from October 15 नागौर. जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन का कार्य 15 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा, इसको लेकर किसान पटवारियों से गिरदावरी नकल लेने के लिए सम्पर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पटवारियों का कहना है कि वे चुनाव कार्य के साथ सफल कटाई प्रयोग व गिरदावरी के काम में व्यस्त हैं। उनका कहना है कि नकल के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

उधर, गत वर्ष समय पर पंजीयन नहीं होने से एमएसपी पर मूंग बेचने से वंचित रहे किसानों को इस बात की चिंता सता रही है कि इस बार भी यदि समय पर गिरदावरी नकल नहीं मिली तो उनका पंजीयन नहीं होगा और प्रति क्विंटल करीब 2 हजार रुपए का नुकसान झेलना पड़ेगा। गौरतलब है कि इस बार सरकार ने मूंग का समर्थन मूल्य 7050 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि बाजार भाव करीब साढ़े 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल है।

मूण्डवा, खींवसर व नागौर तहसील क्षेत्र के किसानों ने बताया कि उन्होंने जब पटवारी से गिरदावरी नकल के लिए सम्पर्क किया तो उनका कहना था कि उन्हें गिरदावरी तैयार करने में 15 से 20 दिन लगेंगे, ऐसे में यदि उन्हें समय पर नकल नहीं मिली तो वे ऑनलाइन पंजीयन कराने से वंचित रह जाएंगे और फिर गत वर्ष की तरह लिमिट पूरी हो गई तो वे एमएसपी पर मूंग नहीं बेच पाएंगे। हालांकि जिला कलक्टर ने पटवारियों को नकल देने के लिए निर्देश जारी करने की बात कही है। पटवार संघ का भी कहना है कि पंजीयन प्रक्रिया शुरू होने से पहले नकल जारी कर देंगे।

कड़लू पटवारी का नवाचार, किसानों से ऑनलाइन मांगे आवेदन
खींवसर उपचुनाव के कार्य सहित फसल कटाई प्रयोग व गिरदावरी कार्य में व्यस्त कड़लू पटवारी सुभाष जांगीड़ ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए अनूठा नवाचार किया है। पटवारी जांगीड़ के पास कड़लू ग्राम पंचायत के साथ थिरोद ग्राम पंचायत का अतिरिक्त प्रभार होने से किसानों को नकल के लिए परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए पटवारी ने एक एप तैयार किया है, जिस पर दोनों ग्राम पंचायतों के किसानों से नकल के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं, ताकि रात को अतिरिक्त कार्य कर किसानों को नकल तैयार की जा सके। पटवारी जांगीड़ ने बताया कि गांव में आज ज्यादातर किसान परिवार में सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, इसको देखते हुए उनके मन में यहा आइडिया आया और एप तैयार कर दिया। उन्होंने बताया कि पहले ही दिन उनके पास 40 आवेदन आ गए, जिनके नकल वे रात में बैठकर तैयार कर देंगे।

किसानों को नहीं होने देंगे परेशानी
इन दिनों पटवारी गिरदावरी व फसल कटाई प्रयोग में व्यस्त हैं। 10 अक्टूबर तक गिरदावरी का काम होगा। फसल कटाई प्रयोग में भी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से मौके पर उपस्थित रहकर पूरी जानकारी भरनी पड़ती है। फिर भी हमारा प्रयास है कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, अर्जेंट वालों को हाथों-हाथ दे रहे हैं। दो-तीन दिन में यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार से नियमित गिरदावरी नकल देना शुरू कर देंगे।
- ओमप्रकाश बेनीवाल, जिलाध्यक्ष, पटवार संघ, नागौर

मैं आज ही निर्देश देता हूं
उपचुनाव केवल खींवसर में हैं। फिर भी चुनाव की आड़ में कोई पटवारी गिरदावरी नकल देने से मना नहीं कर सकता। मैं आज ही निर्देश जारी कर देता हूं, किसानों को समय पर गिरदावरी जारी की जाए।
- दिनेश कुमार यादव, जिला कलक्टर, नागौर