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यूपी: रेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को HC से बेल, भरना होगा 5 लाख का बॉन्ड, भरी सभा में मुलायम के छुए थे पैर

Jansatta 2020-09-04 18:00:00
गायत्री प्रजापति को कोर्ट से दो महीने के लिए जमानत मिल गई है। (फाइल फोटो-Facebook)

उत्तर प्रदेश सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज सशर्त जमानत दे दी है।  उन पर रेप के आरोप हैं।  वे 2017 से ही जेल में बंद हैं।उनकी याचिका मंजूर करते हुए अदालत ने उन्हें 2 महीने की अंतरिम जमानत दी है।  उन्हें यह जमानत 5 लाख के पर्सनल बांड और 2 जमानतदारों की शर्त पर दी गई है।  रिहाई के समय में उन्हें भारत से बाहर जाने की अनुमति नहीं हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक रेप के आरोप में जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 2 महीने की जमानत दे दी है।  उन्होंने कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनज़र अदालत से जमानत देने की अपील की थी। जिसे मंजूर कर लिया गया।  फ़िलहाल लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा है।  इससे पहले भी उन्होंने 2 बार जमानत की अर्जी दाखिल की थी लेकिन वह कोर्ट ने ख़ारिज कर दी थी।

आपको बता दें कि उन पर चित्रकूट की महिला ने रेप के आरोप लगाये थे।  इसके साथ ही उसने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप के प्रयास के भी आरोप लगाये।  महिला ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसके साथ यह घटना सबसे पहले अक्टूबर 2014  में हुई थी।  फिर इसके बाद यह घटना क्रम 2016  तक चलता रहा।  लेकिन जब आरोपी गायत्री प्रसाद ने उसकी बेटी को भी अपना शिकार बनाना चाहा तो उसने शिकायत दर्ज करने का फैसला लिया।

गायत्री प्रजापति पर इस संगीन मामले के अलावा खनन घोटाले के भी आरोप हैं।  जिसके जांच सीबीआई के हाथों में है। गायत्री प्रजापति का अवैध खनन के मामले में नाम आने के बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें पद से हटा दिया था।  लेकिन कुछ समय बाद सितम्बर 2016 में जब उन्हें दोबारा कैबिनेट में शामिल किया तो उन्होंने सबके सामने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के पैर छुए।  उनके ऐसा करने पर तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने उन्हें टोकते हुए अनुशासन बनाये रखने की सलाह दी थी।