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पंजाब में लोहड़ी पर जलायी कानून की प्रतियां

Dainik Tribune 2021-01-14 07:34:47

चंडीगढ़, 13 जनवरी (एजेंसी)

पंजाब के किसानों ने बुधवार को लोहड़ी के मौके पर केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर इन कानूनों के प्रति अपना विरोध व्यक्त किया। विभिन्न संगठनों से नाता रखने वाले किसानों ने राज्य में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और कानूनों की प्रतियां जलाईं। किसानों ने उनकी मांगें ना मानने को लेकर भाजपानीत केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने नए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग भी की। ‘किसान मजूदर संघर्ष समिति' के बैनर तले किसानों ने अमृतसर के पंधेरकलां गांव में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

समिति के महासचिव सरवण सिंह पंधेर ने कहा, ‘हमने कानून को लेकर अपना विरोध व्यक्त करने के लिए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं।' अमृतसर में कई और जगह भी ऐसे ही प्रदर्शन किए गए। पंधेर ने कहा, ‘केन्द्र के किसानों की सभी मांगें स्वीकार करने तक, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।' प्रदर्शन कर रहे एक व्यक्ति ने कहा, ‘हम इन कृषि कानूनों को स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि यह कृषक समुदाय के हित में नहीं है और सरकार को इन कानूनों को रद्द करना चाहिए।' राज्य के होशियारपुर, संगरूर और कपूरथला सहित कई स्थानों पर किसानों ने प्रदर्शन किया और नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं।  

पीएम ने कभी जनता के मन की बात नहीं सुनी : भगवंत

लुधियाना (निस) : आम आदमी पार्टी ने भी कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर लोहड़ी मनाई और किसान संघर्ष में दम तोड़ चुके किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने वालों में पार्टी की पंजाब इकाई के प्रधान एवं सांसद भगवंत मान, विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, उपनेता सर्वजोत कौर मानूके और आप के कई अन्य विधायक उपस्थित थे। अपने संबोधन में सांसद भगवंत मान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी गठित की है, वो किसानों ने कभी मांगी ही नहीं थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब से वे सत्ता में आये उन्होंने अपने मन की बात तो की लेकिन जनता के मन की बात कभी नहीं सुनी।

बठिंडा में बुधवार को किसान मजदूर संगठनों द्वारा निकाले ट्रैक्टर-ट्राली रोष मार्च में शामिल हुए सैंकड़ों ट्रैक्टर। -निस

निकाला ट्रैक्टर-ट्राली मार्च

बठिंडा (निस) : विभिन्न किसान व मजदूर संगठनों ने शहर में ट्रैक्टर-ट्राली रोष मार्च निकाला जिसमें सैंकड़ों ट्रैक्टर शामिल हुए। इस रोष मार्च में बच्चों व महिलाओं ने भी भाग लिया। किसानों का कहना था कि यह तो दिल्ली में 26 जनवरी को निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्राली मार्च की रिहर्सल है।