newsdog Facebook

देश में लगातार बढ़ रहे हैं साइबर अटैक, जानिए आप इनसे कैसे रह सकते हैं सुरक्षित

Rochak Post 2021-02-22 19:12:32

भारत दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन बाजार है दिलचस्प बात यह है कि इसकी संख्या इतनी है कि दुनिया के कई विकसित देशों की आबादी तक नहीं है। निश्चित है जब इतनी बड़ी संख्या में भारत में इंटरनेट यूजर्स है ताे सायबर अटैक के मामले भी बढ़ेंगे, लेकिन हैरानी की बात यहां यह है कि जिस रफ्तार से इंटरनेट यूजर्स बढ़ रहे है उससे भी कई रफ्तार से भारत में साइबर अटैक। हाल ही में जारी इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्राैद्याेगिकी मंत्रालय की रिपाेर्ट भी इस बात की तस्दीक करती है कि भारत में लगातार साइबर अटैक के मामले बढ़ रहे है। रिपाेर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में जहां भारत में कुल 53,117 साइबर अटैक के मामले हुए थे वहीं अगले साल यानि वर्ष 2018 में यह बढ़कर 2,08,456 हाे गए, इसके अगले साल वर्ष 2019 में इनकी संख्या 3,94,499  थी ताे अगस्त 2020 तक ही यह 6,96,938 हाे गई। देखा जाए चार सालाें में भारत में कुल 13,53,010 अटैक हुए जाे कि दस गुना वृद्दि की ओर संकेत दे रहे है। ऐसे रखे  खुद को कैसे सुरक्षित....

- फोरम या वेबसाइट्स पर अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे ईमेल आईडी, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की डिटेल आदि शेयर न करें।
- सुनिश्चित करें कि आपका पासवर्ड कठीन हो और ऐसा कुछ न हो जिसका आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सके। उदाहरण के लिए ज़रूरी अकाउंट के लिए अपने नाम, जन्मतिथि या 12345 जैसे कॉमन पासवर्ड का इस्तेमाल करने से बचें। इसके बजाय अलग-अलग कैरेक्टर और नंबर के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करें।
- लिंक पर क्लिक करने से पहले, सुनिश्चित करें कि वेबसाइट वैध है। मैसेज में या URL में किसी भी तरह की स्पेलिंग की गलतियों की जांच करें।
- अपने सिस्टम को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ अपने अपडेट करें। ये अपडेट मौजूदा बग्स को ठीक करने के उद्देश्य से हैं और सिस्टम की सुरक्षा को भी बेहतर बनाते हैं।

- भरोसेमंद एंटी-वायरस सॉफ्टेवेयर का इस्तेमाल करके अपने सिस्टम को बार स्कैन करते रहें।
- स्पैम मैसेज और ईमेल को न खोलें और न ही जवाब दें।
- ओपन वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें। ये नेटवर्क सुरक्षित नहीं होते हैं और हैकर्स आसानी से आपके डेटा तक पहुंच प्राप्त करने के लिए एक मैलिशियस कोड इंजेक्ट कर सकते हैं।
- एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल करें जो आपके और वेबसाइट के बीच एक सुरक्षित टनल बनाता है