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जीवन मे जहर घोल रही है जटहां में जाम नालियों की नारकीय व्यवस्था

Swatantra Prabhat 2021-04-04 15:48:43

ब्यूरो रिपोर्ट-प्रमोद रौनियार,



कुशीनगर, उप्र।


केंद्र सरकार हो या प्रदेश सरकार लोगों की जीवन को सुरक्षित रखने के लिए तमाम प्रयासों और कवायद के बावजूद लोगों के जीवन पर गहरा आघात पहुंच रहा है। क्योंकि स्वच्छता अभियान में लगाए गए कर्मचारियों की मनमानी का शिकार आम लोग भुगत रहे हैं।

जी हां उपरोक्त बातों पर गौर करें तो बिशुनपुरा विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत जटहां बाजार में सिद्ध होता दिखाई दे रहा है। इसलिए कि जटहां बाजार में तैनात दो सफाई कर्मियों की मनमानी कहे या जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का परिणाम है कि आज बाजार में चारों तरफ बनाई गई लंबी लंबी जाम पड़ी नालियां कूड़े कचरे के ढेर में हाफ रही है।वही घरों से निकलने वाला पानी नाली में तो चला जाता है।

केदारी गुप्ता घर केे सामनेे पड़ी जाम नाली

लेकिन नाली की रखरखाव समुचित सफाई व्यवस्था ना हो पाने के कारण नाली में कचरा और बजबजा रही नालियों से बाजार में पांव पसार रही प्रदूषण आम आदमी को सांस लेना दुर्भर कर दिया है। वही नाली के पटरी के ऊपर जंगल झाड़ी कूड़े के ढेर सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही है। सिर्फ बाजार में सफाई कर्मी दिखावे के लिए काम करते हैं और जो काम करते हैं नाली के पटरी पर छोड़ जाते हैं वही कूड़ा फिर नाली में चला जाता है यह विडंबना कैसे दूर होगी यह बात विभाग के जिम्मेदार ही जानते होंगे जो समस्या लोगों के दिलों दिमाग में कौंध रही है।

नाली में पैदा होने वाले कीड़े मकोड़े लोगों के घरों में घुस रहे हैं। नाली से उठने वाली जहरीली हवा पर्यावरण को प्रदूषित कर रही है। इसी आबोहवा में आगंतुकों से लेकर कस्बे वासियों तक दमघोटू सांसे भर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि आज जटहां बाजार में आए दिन किसी के सीने में दर्द किसी के पेट में दर्द किसी को टाइफाइड आदि तरह-तरह की बीमारियों से महिलाएं बच्चे बूढ़े नौजवान  शिकार हो रहे हैं।


बीमारी के शिकार होने वाले लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर में जटहां बाजार कस्बे में आए दिन हो रही मौतों का कारण क्या है। लेकिन सबके माथे पर चिंता की लकीरें जरूर खिंची हुई है। आखिर हर महीने एक दो मौतों का अंत्येष्टि संस्कार क्यो करना पड़ रहा है।


यदि अभी से स्वच्छता अभियान के जिम्मेदार उचित कदम नहीं उठाते हैं तो गांव में फैल रही प्रदूषण निसंदेह महामारी का रूप ले सकती है।जिम्मेदार यदि समय से कदम उठा लेते है तो स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन में लोग पुनः लौट आएंगे।

जटहां बाजार में जाम नाली और उसकी दुर्व्यवस्था के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि डीपीआरओ साहब से बात करेंगे और समस्या का निदान करवाएंगे।



एडीओ पी बोले..

एडीओ पंचायत भगवंत कुशवाहा से दो सफाई कर्मचारियों की तैनाती और जाम नाली और  नालियों की रखरखाव में महीने में 60 से ₹70000 खर्च और इसके कौन जिम्मेदार है के सवाल पर उन्होंने कहा कि कल सोमवार को टीम लगाकर सफाई करवा दूंगा। पर आश्वासन तो दिए लेकिन कस्बे में पांव पसार रहा बीमारी  और मौत जाम नाली जिम्मेदारों को कटघरे में खड़ा तो कर ही दिया है।