newsdog Facebook

Chaitra Navratri 2021: जानें देवी माँ को कौन सा फूल चढ़ाने से मिलता है पुण्य और कौन सा चढ़ाने से होता है अन‍िष्‍ट

YOUTHTREND 2021-04-06 15:55:58

Chaitra Navratri 2021| नवरात्र शुरू होने में कुछ ही समय बाकी है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का काफी महत्व है। इस दौरान 9 दिनों तक मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस बार मां की पूजा यानी नवरात्र का पर्व 13 अप्रैल से शुरू होगी, इसी दिन घट की स्थापना होगी और फिर पूरे नौ दिन माता की पूजा चलती है। इन नौ दिनों में माता की पूजा पूरे विधि-विधान और धूम धाम से की जाती है। इन दौरान माता का सोहल श्रृंगार भी किया जाता है। मान्यता है कि इन दिनों में मां अपने भक्तों के कष्ट हरने के लिए आती है। जो भक्त मां को अपनी साधना से खुश कर देता है, मां उन्हें सुख और समृद्धि का आशिर्वाद देती है। इसलिए इस चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2021) की पूजा करते समय कुछ पूजा सामग्री का खास ख्याल रखना है और पूजा सामग्री में सबसे महत्वपूर्ण सामग्री है ‘फूल’, तो आइये आज हम आपको बताते हैं माता रानी को कौन से पुष्प चढ़ाने चाहिए और कौन से नहीं।

नवरात्रि के दिनों में मां भवानी के नौ अलग-अलग रुप की पूजा अलग-अलग फूलों से करनी चाहिए। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि विशेष फूलों में विशेष देवता के पवित्रक, अर्थात उस देवता के अति सूक्ष्म कण आकर्षित करने की क्षमता अन्य फूलों की तुलना में अधिक होती है। इसलिए जब फूल मूर्ति पर चढ़ाए जाते हैं, तो उससे मूर्ति को जाग्रत करने में सहायता मिलती है। इससे मूर्ति के चैतन्य का लाभ हमें ज्यादा होता है।

ये हैं वो विशेष फूल

गुड़हल

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2021) का पहला दिन देवी दुर्गा के पहले रूप शैलपुत्री को समर्पित है। इस रूप में, वह हिमालय की बेटी हैं। देवी दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करने के लिए, गुड़हल के फूलों के साथ देवता को घी अर्पित करने से देवी प्रसन्न होती हैं। शैलपुत्री इन दोनों वस्तुओं को काफी पसंद करती हैं।

कमल

नवरात्रि के तीसरे दिन, देवी दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा पूरे अनुष्ठानों और भक्ति के साथ की जाती है। देवी को दूध की मिठाई, दूध और कमल के फूल अर्पित किए जाते हैं।

चमेली

देवी कुष्मांडा, मां दुर्गा का चौथा स्वरूप है। देवी कुष्मांडा को चमेली के फूल काफी पसंद हैं। इसलिए, नवरात्रि के चौथे दिन देवी को चमेली के फूल अर्पित करने से आपको बुद्धि, बल और शक्ति के रूप में उनका आशीर्वाद मिलता है।

स्कंदमाता देवी दुर्गा का पांचवा स्वरूप हैं। देवी स्कंदमाता को पीले फूल अर्पित करने से आपके जीवन में शांति आती है।

गेंदा फूल

गेंदा फूल माँ दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप का मनपसंद फूल है। माता के इस रूप को प्रसन्न करने के लिए नवरात्र के छठे दिन गेंदे के फूल पूजा में शामिल करें।

कृष्ण कमल

कालरात्रि देवी दुर्गा का सातवां रूप हैं। कालरात्रि माता पर कमल के फूल अर्पित करने से आपको उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मोगरा

नवरात्रि के आठवें दिन, देवी दुर्गा को उनके महागौरी रूप में पूजा जाता है। देवी दुर्गा के भक्तों को उन पर मोगरा के फूल, जिसे अरब की चमेली भी कहा जाता है, चढ़ाकर महागौरी की पूजा करनी चाहिए।

चंपा

देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप देवी सिद्धिदात्री अपने भक्तों को दिव्य ज्ञान, ऊर्जा, शक्ति और ज्ञान का आशीर्वाद देती हैं। वह चंपा के फूलों की शौकीन है और इसलिए, देवी को ये फूल अर्पित करना आपके लिए फलदायी हो सकता है।