newsdog Facebook

Corona Alert: स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार बच्चों के लिए जारी की Covid-19 की अलग गाइडलाइन, जानें क्या है मुख्य बातें

nayaindia.com 2021-05-01 00:00:00

New Delhi: देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए पहली बार स्वास्थ्य मंत्रालय ने बच्चों के लिए कोविड-19 की अलग गाइडलाइन्स जारी की है. कोरोना से देश में हाहाकार मचा हुआ है. अब कोरोना से बच्चे भी काफी तेजी से संक्रमित हो रहे हैं. यहीं कारण है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने बच्चों में बढ़ते कोरोना  को देखते हुए चिंता जताई है. इसके साथ ही बच्चों की देखभाल के लिए मंत्रायल ने एक अलग गाइडलाइन जारी की है.  देश में अब प्रतिदिन 4 लाख के करूब मामले सामने आ रहे हैं. लगभग सभी अभिभावकों को ऐसे हालातों में अपने बच्चों की चिंता सताती है. ये चिंता भी जायज है क्योंकि बच्चों के लिए संक्रमित होने पर पूरे परिवार को संक्रमण का खतरा होता है.ऐसे में बच्चों का खास ख्याल रखा जाना भी उतना ही जरूरी है.

क्या है बच्चों के लिए  कोविड गाइडलाइन्स

वैसे बच्चे जिनमें कोरोना संक्रमण तो है लेकिन उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं, ऐसे बच्चों के लिए किसी तरह के इलाज का सुझाव नहीं दिया गया है.  हालांकि, उनमें संभावित लक्षणों पर नजर रखने की बात जरूर कही गई है.  स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दो डॉक्यूमेंट जारी किए गए हैं जिसमें से एक है बच्चों को होम आइसोलेशन में रखने के लिए रिवाइज्ड गाइडलाइन्स और पीडिएट्रिक एज ग्रुप यानी बच्चों के इलाज के लिए मैनेजमेंट प्रोटोकॉल.

माइल्ड इंफेक्शन के लिए गाइडलाइन्स

सांस से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो

  •  बच्चे को होम आइसोलेशन में रखें.
  • शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए अधिक से अधिक पानी पिलाएं, लिक्विड चीजें दें.
  • अगर बुखार आता है तो 10-15 एमजी पैरासिटामोल दें.
  •  अगर कुछ खतरनाक लक्षण दिखे तो डॉक्टर से संपर्क करें.

मॉडरेट यानी मध्यम श्रेणी का इंफेक्शन होने पर

इस कैटगरी में ऐसे बच्चों को शामिल किया गया है जिनका ऑक्सीजन लेवल कम है लेकिन बच्चे में निमोनिया के लक्षण नहीं हैं.

  •  मॉडरेट यानी मध्यम लक्षण वाले बच्चों को कोविड हेल्थ सेंटर में एडमिट किया जा सकता है.
  •  इस दौरान उन्हें तरल चीजें ज्यादा देनी है ताकि डिहाइड्रेशन न हो। साथ ही ओवरहाइड्रेशन से भी बचना है.
  • बुखार के लिए पैरासिटामोल और अगर बैक्टीरियल इंफेक्शन हो तो एमोक्सिसिलिन दे सकते हैं.
  • अगर बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन सैचुरेशन 94% से कम हो तो बच्चे को ऑक्सीजन दी जानी चाहिए.

इसे भी पढें-Bollywood News: अभिनेत्री Sonakshi Sinha ने की लोगों से एक-दूसरे की मदद करने की अपील

इंफेक्शन गंभीर होने पर

इस स्टेज पर बच्चों में गंभीर निमोनिया, रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम और सेप्टिक शॉक जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं. बच्चों को तुरंत आईसीयू या एचडीयू में भर्ती करने की सलाह दी गई है. गाइडलाइन में इन बच्चों का कंप्लीट ब्लड काउंट, लिवर, रीनल फंक्शन टेस्ट और चेस्ट एक्स रे कराने की सलाह दी गई है.

इसे भी पढें- Facebook  ने भी बढाए मदद के हाथ, भारत सरकार के साथ मिलकर ऐसे करेगा लोगों की मदद