newsdog Facebook

Sheetla Asthami 2021 : आज है शीतला अष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

News India Live 2021-05-04 10:37:41

आज शीतला अष्टमी (Sheetla Asthmi) है. हिंदू पंचांग के अनुसार, शीतला अष्टमी का त्योहार हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार ये व्रत 4 मई 2021 को है. इस दिन माता शीतला देवी की पूजा- अर्चना की जाती है. मां शीतला को बासी भोजन का भोग लगता है और इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. आज के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है. जो भी लोग इस व्रत को करते हैं वो एक दिन पहले रात में ही खाना बनाकर रख लेते हैं.

मान्यता है कि इस व्रत को करने से रोगों से मुक्ति मिलती है. पौराणिक मन्यताओं के अनुसार, मां शीतला का व्रत करने से चेचक जैसे संक्रमक रोग से छुटकारा मिलता है. मां शीतला की विधि विधान से पूजा और व्रत करने से भक्तों को तमाम कष्टों से मुक्ति मिलती है.

शुभ मुहूर्त

शीतला अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 4 मई को सुबह 6 बजकर 08 मिनट से शाम 06 बजकर 41 मिनट तक है.

शीतला अष्टमी का आरंभ- 4 मई 2021 को सुबह 04 बजकर 12 मिनट से

शीतला अष्टमी समापन – 5 मई 2021 को सुबह 02 बजकर 59 पर होगा.

शीतला अष्टमी स्त्रोत

वंदेऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगंबराम् ।

मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालंकृतमस्तकाम् ॥

मां शीतला का स्वरूप

शाीतला माता गधे की सवारी करती हैं. उनके एक हाथ में कलश होता है और दूसरे हाथ में कुश से बना झाड़ू होता है. मान्यता है कि इस कलश में शीतल जल होता है. इसी जल से शीतला मां अपने भक्तों के कष्ट दूर करती हैं.

शीतला अष्टमी की पूजा

शीतला माता की पूजा के दौराना साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखें. इस दिन सुहब- सुबह उठकर स्नान कर तैयार होकर व्रत करने का संकल्प लें. इसके बाद घर के मंदिर में शीतला माती की विधी- विधान से पूजा करें. शीतला माता को भोग में बासी भोजन का भोग लगाएं और बाद में इस प्रसाद को सभी लोगों में बांटे. व्रत के दौरान आप फलाहार कर सकती हैं. पारण के समय बासी भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.