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होम्योपैथी से 03 से 04 दिनों में हो रही तेज रिकवरी बुखार, खांसी और सास लेने में दिक्कत हो रही दूर

Samar Saleel 2021-05-04 18:46:06

होम्योपैथी से कोरोना के गंभीर मरीजों का सफल इलाज कर रहे लखनऊ के डॉ0 संजय कक्कड़ (9415785069, 8299058671) की सलाह और समय पर ली गई होम्योपैथिक दवा से ठीक हुए मरीजों कि एक लम्बी फेहरिस्त है। इसी क्रम में आज बात करते है दो ऐसे कोरोना संक्रमितों की जो काफी गंभीर हो गए थे।

लखनऊ भवानीगंज (वार्ड नंबर-107) बुलाकीअड्डा के भाजपा, सभासद संतोष कुमार राय बताते हैं कि पिछली 19 अप्रैल 2021 को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्हें फिवर के साथ खांसी ज्यादा आ रही थी, और सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। इनका ऑक्सीजन लेवल 80/85 हो गया था। एक करीबी मित्र के बताने पर उन्होंने 23 अप्रैल 2021 से डॉ0 संजय कक्कड़ से मोबाइल पर संपर्क किया और उनकी सलाह पर होम्योपैथी दवाई लेनी शुरू की। दवा लेने के दो से तीन दिन में ही उनका ऑक्सीजन लेवल बड़ कर 90/92 हो गया।

संतोष बताते है कि उन्हें सांस की एलर्जी की शिकायत पहले से रही है, जिस वजह से थकान बहुत ज्यादा रहती थी। उठने और बैठने में बहुत समस्या हो रही थी। एक कमरे से दूसरे कमरे में जाना भी मुश्किल हो गया था। वो घर पर ही रह कर अपना इलाज कर रहे थे और उनको ऑक्सीजन सिलेंडर भी लगा हुआ था। डॉक्टर कक्कड़ के इलाज से उन्हें बड़ी राहत मिली। जल्दी ही ऑक्सीजन सपोर्ट भी हट गया, सांस फूलना भी काफी कम हुई है।

संतोष बताते है अब बुखार बिल्कुल नहीं है, खासी में भी बहुत आराम है, अब वह काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। घर परिवार और साथियों से बातचीत भी कर पा रहे हैं। संतोष ने बताया कि डॉक्टर कक्कड़ से बिना मिले, सिर्फ मोबाइल पर हुई बात के बाद उनकी सलाह और होम्योपैथी दवा ने वाकई बड़ा चमत्कार किया है। पेशे से वकील संतोष कुमार राय (सभासद) डॉक्टर कक्कड़ के इलाज से अब पूरी तरह ठीक है।

वहीं दूसरी ओर लखनऊ कि जानी-मानी समाज सेविका सुखप्रीत कौर ने बताया कि जन सेवा के कार्य में दिन- रात लगे रहने के कारण वो कई बाहरी लोगों के संपर्क में आने की वजह से संक्रमित हो गई थी। उनको 03 अप्रैल 2021को बुखार आना शुरू हुआ। खासी भी आ रही थी और उनकी सूंघने की शक्ति चली गई थी। उन्होंने डॉक्टर कक्कड़ की सलाह पर होम्योपैथी दवा लेना शुरू किया,अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।

सुखप्रीत कौर ने बताया कि पिछले वर्ष 2020, अप्रैल में भी उन्हें संक्रमण हो गया था और उनका हिमोग्लोबिन 04 तक पहुंच गया था, वह बहुत घबरा गई थी। तब उस वक्त भी उन्होंने डॉक्टर कक्कड़ की सलाह पर होम्योपैथी इलाज किया और पूरी तरह स्वस्थ हुई थी।

सुखप्रीत का कहना है कि एक बार फिर डॉ0 कक्कड़ ने उनका जीवन बचा लिया। सेवा संकल्प, सामाजिक संस्था की सचिव, सुखप्रीत कौर बताती हैं कि उनकी संस्था, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के साथ पंजाब में पिछले एक दशक से जनसेवा का कार्य कर रही है। पिछले वर्ष उन्होंने टिफिन सेवा के साथ हजारों मास्क और राशन के साथ पका हुआ खाना पूरे लॉकडॉउन में जरूरतमंदो तक पहुंचाय था। संस्था ने उनको लखनऊ का ऐशबाग इलाका दिया था। डॉ0 कक्कड़ के सटीक इलाज से इस बार संक्रमण दूर होते ही, एक बार फिर वो अपने सामाजिक कार्य में लग गई है।